नोएडा , सितम्बर 01 -- उत्तर प्रदेश में जिला गौतमबुद्धनगर की साइबर अपराध थाना पुलिस ने प्राइवेट लोन ऐप से लोन लेने वाले लोगों को निशाना बनाकर साइबर ठगी और ब्लैकमेलिंग करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों को नोएडा सेक्टर-141 से गिरफ्तार किया।

पुलिस ने मंगलवार को जानकारी साझा करते हुए बताया कि,आरोपी पीड़ितों से वीडियो कॉल के जरिए संपर्क करते थे और यूपीआई क्यूआर कोड के माध्यम से रकम हासिल करने के बाद उन्हें धमकाकर अतिरिक्त धनराशि दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर करवाते थे।

साइबर अपराध पुलिस ने अभिसूचना संकलन और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के विश्लेषण के आधार पर कार्रवाई की। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से सात मोबाइल फोन, चार एटीएम/डेबिट कार्ड, दो ड्राइविंग लाइसेंस, दो पासबुक, दो पर्स और 810 रुपये नकद बरामद किए गए हैं।

आरोपी प्राइवेट लोन ऐप से लोन लेने वाले व्यक्तियों को वीडियो कॉल करते थे। इसके बाद यूपीआई या क्यूआर कोड के माध्यम से धनराशि प्राप्त की जाती थी। तथा आरोपियों द्वारा पीड़ितों की फोटो को मॉर्फ/एडिट कर अश्लील या न्यूड फोटो तैयार करते थे और उसे भेजकर भुगतान करने के लिए धमकाते थे। ब्लैकमेल के दबाव में पीड़ितों से दूसरे बैंक खातों में भी रकम ट्रांसफर कराई जाती थी।

जांच के दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन में बाइनेंस, व्हाट्सएप्प और टेलीग्राम जैसे एप मिले हैं। पुलिस को यूएसडीटी के माध्यम से धनराशि के लेन-देन से संबंधित डिजिटल साक्ष्य भी मिले हैं। आरोपी अब तक म्यूल बैंक खातों में करीब 25 लाख रुपये की धोखाधड़ी की रकम प्राप्त कर चुके हैं।

आरोपियों के खिलाफ नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर अब तक पांच शिकायतें दर्ज मिली हैं। इनमें उत्तर प्रदेश की एक, पंजाब की एक, गुजरात की एक और महाराष्ट्र की दो शिकायतें शामिल हैं। इससे गिरोह के अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय होने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान निशान्त कुमार, अनीस अली, आदित्य कुमार, पंकज कुमार, निक्की शर्मा और शिवा शर्मा के रूप में की है।

पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध साइबर अपराध थाना में, मु0अ0सं0 500/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 318(4), 319(2), 238(सी) बीएनएस और 66डी आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की है। पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन, बैंक खातों और डिजिटल लेन-देन से जुड़े साक्ष्यों की आगे जांच कर रही है।

साइबर क्राइम पुलिस ने लोगों से अनधिकृत प्राइवेट लोन ऐप से बचने और केवल आरबीआई से अधिकृत वित्तीय संस्थानों और ऐप का इस्तेमाल करने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी निजी जानकारी, फोटो, वीडियो या जरूरी दस्तावेज साझा न करें, क्योंकि साइबर अपराधी इनका इस्तेमाल ब्लैकमेलिंग के लिए कर सकते हैं।

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