भरतपुर , अप्रैल 14 -- राजस्थान में सवाई माधोपुर के जिला अस्पताल के जच्चा बच्चा वार्ड में मंगलवार को सुबह नवजात और प्रसूता की मौत पर परिजनों ने अस्पताल के चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया और धरने पर बैठ गए।
चिकित्सा सूत्रों से मिलीं जानकारी के अनुसार प्रसूता भारती के पति जितेंद्र ने शुक्रवार को प्रसूता को अस्पताल में डॉ. चेतराम मीणा को दिखाया था, जहां डा मीणा ने प्रसूता को एक महीने बाद आने का परामर्श दिया। इस पर प्रसूता को गोठ बिहारी गांव ले जाया गया। इसी दौरान रविवार को प्रसूता की तबीयत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कर लिया गया।
इस बीच पति अपने देवी देवता के ढोक लगाने गांव आ गया। सोमवार देर रात जब वह वापस अस्पताल आया तो पता चला कि जच्चा-बच्चा की मौत हो चुकी है। परिजनों का आरोप है कि प्रसव के समय चिकित्सक समय पर नहीं पहुंचे जिसके चलते यह घटना सामने आई है।
उधर चिकित्सा सूत्रों ने आरोपों को निराधार बताते कहा कि प्रसव की तारीख मई की थी। हालांकि समयपूर्व प्रसव होने पर चिकित्सक समय पर पहुंच गए थे। अस्पताल में स्टॉफ भी मौजूद था। प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा की मौत हो गई।
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