कोटा , मई 14 -- राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा है कि कोटा में प्रसूताओं की मौत एवं स्वास्थ्य बिगड़ने के मामलों में राज्य सरकार बेहद गंभीर है और पूरी संवेदनशीलता, तत्परता एवं निष्पक्षता के साथ मामले की गहन जांच-पड़ताल की जा रही है।

श्री खींवसर गुरुवार को कोटा में न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल एवं जे के लोन अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लेने, प्रसूताओं एवं उनके परिजनों मुलाकात करने और कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों के साथ मामले की समीक्षा करने के उपरांत पत्रकारों से संवाद का रहे थे। उन्होंने कहा कि दिल्ली एम्स की टीम भी शनिवार को कोटा आकर इस मामले में जांच एवं अनुसंधान करेगी। अंतिम रिपोर्ट प्राप्त होने पर ही इस घटना के सही कारणों तक पहुंचा जा सकेगा। रिपोर्ट के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

श्री खींवसर ने कहा कि यह घटना बेहद दु:खद और दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन राज्य सरकार हर पहलू पर बारीकी से जांच करवा रही है, ताकि वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके, क्योंकि एक साथ इतनी प्रसूताओं को करीब समान जटिलताएं होना जांच की दृष्टि से एक चुनौतीपूर्ण विषय है।

उन्होंने कहा कि इस मामले में दवाओं की जांच, ऑपरेशन थियेटर एवं उपकरणों में संक्रमण, इलाज एवं निगरानी में लापरवाही तीनों ही दृष्टिकोण से जांच पड़ताल की जा रही है। दवाओं एवं उपकरणों आदि में संक्रमण की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने में दो से तीन सप्ताह का समय लगेगा। इसी दौरान एम्स की टीम भी यहां आकर जांच करेगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रथम दृष्टया प्रसूताओं के इलाज एवं देखभाल की प्रक्रिया से जुड़े चिकित्सकों एवं नर्सिंगकर्मियों को निलंबित किया गया है, लेकिन किसी भी निर्दोष को सजा नहीं दी जाएगी और जांच के बाद जो दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी।

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