मुंबई , मार्च 27 -- महाराष्ट्र विधान परिषद की उपाध्यक्ष डॉ नीलम गोर्हे ने प्रसिद्ध इतिहासकार और विचारक डॉ. जयसिंहराव पवार के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
डॉ. गोर्हे ने कहा कि डॉ. पवार के निधन से महाराष्ट्र के बौद्धिक और शैक्षणिक क्षेत्र को भारी धक्का लगा है। उन्होंने उन्हें ऐतिहासिक शोध के क्षेत्र में एक विशाल व्यक्तित्व बताया।
श्रद्धांजलि देते हुए डॉ. गोर्हे ने कहा, " डॉ. पवार ने अपना पूरा जीवन इतिहास के अध्ययन और शोध को समर्पित कर दिया। शिवाजी महाराज, शाहू महाराज और मराठा इतिहास पर उनकी पुस्तकें अत्यंत मूल्यवान, गहन शोधपूर्ण और निष्पक्ष थीं। "उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को प्रामाणिक और तथ्यात्मक इतिहास समझाने के लिए उनके अथक प्रयास अमूल्य थे। " उनके निधन से समाज ने एक समर्पित, निस्वार्थ और विद्वान शोधकर्ता को खो दिया है, जो जन-जागरण के लिए निरंतर कार्य करते रहे।"डॉ गोर्हे ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और प्रार्थना की कि उन्हें इस दुख की घड़ी में धैर्य और शक्ति मिले।
डॉ. पवार के निधन से कोल्हापुर के साथ-साथ पूरे महाराष्ट्र के इतिहासकारों और विद्वानों में व्यापक शोक की लहर दौड़ गयी है।
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