बैतूल , मई 19 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में प्रसव के बाद एक महिला की मृत्यु से आक्रोशित परिजनों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर हंगामा किया और मुलताई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों पर लापरवाही के आरोप लगाए। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा जांच का आश्वासन दिए जाने के बाद मामला शांत हुआ।

मृतका की पहचान मुलताई तहसील के पारस ठानी गांव निवासी 30 वर्षीय रोशनी पवार के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार उन्हें सोमवार को प्रसव के लिए मुलताई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था। भर्ती के समय उनकी स्थिति सामान्य बताई गई थी।

परिवार के मुताबिक मंगलवार सुबह करीब 7 बजकर 45 मिनट पर रोशनी पवार ने सामान्य प्रसव के माध्यम से एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया। इसके बाद उनकी हालत अचानक बिगड़ने लगी और अत्यधिक रक्तस्राव शुरू हो गया। परिजनों का आरोप है कि समय रहते पर्याप्त उपचार उपलब्ध नहीं कराया गया और गंभीर स्थिति के बावजूद उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर करने में देरी की गई।

महिला के पति कमलनाथ पवार ने आरोप लगाया कि हालत अत्यंत गंभीर होने के बाद उन्हें रेफर किया गया, लेकिन अस्पताल से बाहर ले जाते समय रास्ते में ही उनकी पत्नी की मृत्यु हो गई। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के कारण यह घटना हुई है। नवजात शिशु को एहतियातन एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

घटना से नाराज परिजन शव को एंबुलेंस में रखकर बैतूल कलेक्ट्रेट पहुंचे और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज हुरमाड़े, सिविल सर्जन डॉ. जगदीश घोरे तथा आरएमओ डॉ. रानू वर्मा मौके पर पहुंचे और परिजनों से चर्चा की।

अधिकारियों ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद परिजन शांत हुए। इसके बाद शव को जिला अस्पताल भेजा गया, जहां स्त्री रोग विशेषज्ञों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम किया गया। परिजनों का कहना है कि महिला का हीमोग्लोबिन स्तर सामान्य था और यह उनकी दूसरी सामान्य डिलीवरी थी, इसलिए वे घटना के लिए अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही को जिम्मेदार मान रहे हैं।

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