जयपुर , जुलाई 24 -- राजस्थान में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने कहा है कि प्रदेश के सभी प्रसव केन्द्र के स्त्रीरोग विशेषज्ञों की संबंधित जिले के मेडिकल कॉलेजों के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा मेंटरिंग की जायेगी।
श्रीमती राठौड़ ने शुक्रवार को स्वास्थ्य भवन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेशभर के मेडिकल कॉलेजों के अधीक्षकों, प्रमुख चिकित्सा अधिकारियों, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों से गत् 24 घंटे में हुए सामान्य तथा ऑपरेशन प्रसवों की स्थिति की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किये। उन्होंने कहा कि गंभीर एनीमिया वाली गर्भवती महिलाओं को आवश्यक ब्लड ट्रांसफ्यूजन, एसीएफ इंजेक्शन या आयरन शुक्रोज के माध्यम से मॉडरेट और माइल्ड एनीमिया में बदलाव में किये जाने की कार्रवाई की सघन मॉनिटरिंग की जाये। साथ ही उन्होंने इस सप्ताह के अंत तक सभी अस्पतालों में प्रसव सखी का काउंटर बनाने, प्रसव सखी की नियुक्ति सहित सम्पूर्ण कार्यवाही पूर्ण करने के निर्देश दिये।
बैठक में स्त्री रोग विशेषज्ञ एवं प्राचार्य एवं नियंत्रक एसएनएमसी मेडिकल कॉलेज जोधपुर के डॉ. बी.एस. जोधा ने प्रसव के दौरान पीपीएच प्रबंधन के लिए उपयोग में लिए जा रहे एंटी शॉक एनएएसजी गार्मेंट पर विस्तार से प्रजेन्टेशन दिया। श्रीमती राठौड़ ने सीएसआर के माध्यम से सभी आपातकालीन एम्बुलेंस 108 में एंटी शॉक एनएएसजी गार्मेंट के उपयोग के निर्देश दिये। साथ ही उन्होंने इसके उपयोग के लिए पैरामेडिकल स्टॉफ के प्रशिक्षण आयोजन के भी निर्देश दिये।
अतिरिक्त मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. टी. शुभमंगला ने गुरूवार को किए दौसा एवं सीकर जिले में एमसीएचएन एवं जिला अस्पताल के निरीक्षण का भी फीडबैक दिया। प्रमुख शासन सचिव ने फीडबैक में निरीक्षण के दौरान प्रसूति कक्ष एवं ऑपरेशन थियेटर में निर्धारित एसओपी की पालना नहीं पाये जाने पर दौसा के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी को चार्जशीट जारी करने के निर्देश दिये। साथ ही एक नर्सिंग स्टॉफ के खिलाफ भी कार्यवाही करने के निर्देश दिये।
श्रीमती राठौड़ ने कहा कि निदेशालय स्तर पर कैंसर सैल का गठन किया जाएगा। उन्होंने प्रदेशभर में कैंसर स्क्रीनिंग के लिए संचालित की जा रही स्क्रीनिंग वैन के पूर्ण सदुपयोग किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि जिस भी जगह पर वैन के माध्यम से शिविर लगवायें जायें, वहां 10 दिन पूर्व से इसकी जानकारी आमजन तक पहुंचान के निर्देश दिये। साथ ही शिविरों के आयोजन के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के स्तर पर मासिक कैलेण्डर तैयार किया जाये। उन्होंने बारिश के मद्देनजर मौसमी बीमारियों की रोकथाम एवं बचाव के लिए अभी से तैयारियां करते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिये।
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