नयी दिल्ली , मई 15 -- एनआईआईटी फाउंडेशन ने शुक्रवार को कहा कि वह भविष्य में प्रशिक्षण को सीधे रोजगार से जोड़ने पर फोकस करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि युवा उद्योगों की बदलती जरूरत के हिसाब से तैयार हों।
मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपनी नयी रणनीति पेश करते हुए फाउंडेशन ने कहा कि वह अब ट्रेनिंग को सीधे रोजगार, बेहतर कमाई और उद्यमिता से जोड़ने पर ज्यादा ध्यान देगा, खासकर उन समुदायों में जहां सुविधाओं की कमी है।
फाउंडेशन की राष्ट्रीय निदेशक चारु कपूर ने कहा, "वित्त वर्ष 2025-26 के नतीजों ने हमारे इस भरोसे को और मजबूत किया है कि बड़े स्तर पर काम करने का असली फायदा तभी है, जब उससे लोगों के जीवन में कोई बड़ा और सकारात्मक बदलाव आए। जैसे-जैसे हम आगे बढ़ रहे हैं, हमारा पूरा ध्यान ऐसे रास्ते बनाने पर है जो युवाओं को नौकरी, आर्थिक मजबूती और भविष्य के लिए काबिल बनाये।"एनआईआईटी फाउंडेशन ने कहा कि वह आने वाले समय की जरूरतों को देखते हुए भविष्य के कौशल और डिजिटल लर्निंग पर अपना निवेश जारी रखेगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि युवा उद्योग जगत की बदलती जरूरतों के लिए पूरी तरह तैयार रहें।
फाइंडेशन ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान उसने देश के 84 प्रतिशत जिलों तक विस्तार किया और 32 लाख से अधिक छात्रों को सर्टिफिकेट प्रदान किये। उसने बताया कि अब उसका मुख्य लक्ष्य इस विस्तार को रोज़गार, बेहतर आय और स्वरोज़गार के अवसरों में बदलना है। इसके साथ ही, भविष्य की जरूरतों को देखते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), साइबर सुरक्षा और डिजिटल साक्षरता जैसे आधुनिक विषयों में प्रशिक्षण को और भी एडवांस बनाया जायेगा।
फाउंडेशन अब तक 1.33 करोड़ से अधिक लोगों को प्रशिक्षण प्रदान किया है। पिछले वित्त वर्ष में एक लाख छात्रों को नौकरियां दिलाने में उसने मदद की।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित