पटना , अप्रैल 03 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रीति शेखर ने शुक्रवार को कहा कि बिहार सरकार अब जीविका दीदियों को प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करने जा रही है, जिसके तहत ग्रामीण विकास विभाग की ओर से राज्य की ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा तथा परिवार की एक महिला सदस्य को कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
डॉ. प्रीति ने आज बयान जारी कर कहा कि जो महिलाएं 18 प्रकार के पारंपरिक कार्यों जैसे हस्तशिल्प, कारीगरी आदि से जुड़कर अपनी आजीविका चलाना चाहती हैं, लेकिन आधुनिक संसाधनों के अभाव में पीछे रह गई हैं, उन्हें अब इस योजना के माध्यम से नया अवसर मिलेगा। उनके उत्पादों को स्थानीय स्तर से लेकर राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार तक पहुंचाने में सरकार सक्रिय भूमिका निभाएगी।
डॉ. शेखर ने इसे ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में महिलाओं के आर्थिक उत्थान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि 'आत्मनिर्भर बिहार' और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को भी सशक्त करेगी।जीविका दीदियों को कौशल आधारित रोजगार से जोड़ने से पारंपरिक कारीगरी को नई पहचान और सम्मान मिलेगा। सरकार की ओर से प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग एवं विपणन सहायता से महिलाओं की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी और उनके उत्पादों को व्यापक बाजार मिलेगा।
डॉ. प्रीति शेखर ने कहा कि कम ब्याज दर पर ऋण की सुविधा जहां महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी, वहीं रोजगार से जुड़कर वे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति देंगी। उन्होंने कहा कि पार्टी इस योजना को गरीब और वंचित वर्ग के लिए परिवर्तनकारी पहल मानती है, जो महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के साथ-साथ पारंपरिक हुनर को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का कार्य करेगी।उन्होंने कहा कि इस योजना से जुड़कर महिलाएं घर बैठे अपने पारंपरिक कार्यों के माध्यम से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेंगी और 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के संकल्प को और मजबूती मिलेगी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित