चंडीगढ़ , मई 27 -- चंडीगढ़ के सेक्टर-48 बी स्थित केंद्रीय विहार सोसाइटी में केंद्रीय सरकारी कर्मचारी कल्याण आवास संगठन (सीजीईडब्ल्यूएचओ) के फ्लैटों के लंबित हस्तांतरण और रजिस्ट्री विवाद को लेकर चंडीगढ़ के पूर्व महापौर देवेश मौदगिल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ प्रशासक गुलाब चंद कटारिया को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया गया कि वर्ष 2001 में 305 फ्लैटों का आवंटन किया गया था, लेकिन रजिस्ट्री प्रक्रिया 2012 में शुरू हुई। इस दौरान कई मूल आवंटियों ने जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी और अन्य दस्तावेजों के आधार पर फ्लैट बेच दिए। अब सीजीईडब्ल्यूएचओ अटॉर्नी धारकों से मूल आवंटी की एनओसी मांग रहा है, जबकि अधिकांश आवंटी दूसरे स्थानों पर जा चुके हैं या उनसे संपर्क संभव नहीं है।
श्री मौदगिल ने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन पहले ही वर्ष 2016 की नीति के तहत चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड और अन्य सोसाइटियों में अटॉर्नी धारकों के नाम संपत्ति हस्तांतरित कर चुका है। उन्होंने मांग की कि केंद्रीय विहार सोसाइटी के फ्लैट भी अटॉर्नी धारकों के नाम किए जाएं। उन्होंने कहा कि कई सदस्य 80 वर्ष से अधिक आयु के हैं, इसलिए मानवीय आधार पर जल्द निर्णय लिया जाना चाहिए।
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