मुरैना , मई 27 -- मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की संयुक्त टीम ने राष्ट्रीय चंबल अभ्यारण्य के राजघाट और सिकरोदा नहर प्वाइंट क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण कर क्षेत्र की स्थिति का जायजा लिया।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार निरीक्षण का उद्देश्य क्षेत्र की वर्तमान स्थिति का आकलन करना तथा अवैध उत्खनन संबंधी गतिविधियों की वस्तुस्थिति की जांच करना था।

संयुक्त निरीक्षण दल में कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़, पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा, वनमंडलाधिकारी एवं राष्ट्रीय चंबल अभ्यारण्य के निदेशक हरीशचंद्र बघेल, जिला खनिज अधिकारी सुखदेव निर्मल, जिला परिवहन अधिकारी विक्रम सिंह तथा एसडीओपी देवरी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे।

संयुक्त टीम ने प्रभावित क्षेत्रों का पैदल भ्रमण कर सूक्ष्म निरीक्षण किया। अधिकारियों ने घाट क्षेत्र और आसपास के स्थानों का अवलोकन किया, जहां कहीं भी नवीन उत्खनन के गड्ढे, ट्रैक्टर अथवा अन्य वाहनों के पहियों के निशान नहीं पाए गए।

निरीक्षण के दौरान मौके पर तैनात सुरक्षा बलों से भी जानकारी प्राप्त की गई। अधिकारियों को बताया गया कि घाट क्षेत्र में विशेष सशस्त्र पुलिस बल के 36 जवान लगभग 130 मीटर की दूरी पर लगातार निगरानी कर रहे हैं। इसके अलावा चंबल नदी क्षेत्र में फोटोग्राफ स्थल से लगभग 500 मीटर दूरी पर एक अन्य सुरक्षा शिविर भी स्थापित किया गया है।

सशस्त्र बल के जवानों ने अधिकारियों को बताया कि 13 अप्रैल से बल की तैनाती के बाद क्षेत्र में किसी प्रकार की अवैध उत्खनन गतिविधि सामने नहीं आई है और उत्खनन में प्रयुक्त किसी वाहन का प्रवेश भी दर्ज नहीं किया गया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा व्यवस्था, सतत निगरानी तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए।

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