पटना , अगस्त 02 -- जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने बांकीपुर उपचुनाव के दौरान पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) पर लोकतंत्र विरोधी भूमिका का आरोप लगाते हुए कई सबूत पेश किए हैं।
श्री किशोर ने आज संवादाताओं से कहा कि चुनाव से ठीक पहले उनके प्रमुख कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया। उन्होंने कहा कि एसएसपी ऑफिस से जारी सूचना के अनुसार यह कहा गया कि दूसरे जिले से आये व्यक्तियों को सुरक्षा की दृष्टि से एहतियात हिरासत में रखा गया था। इसके जवाब में श्री किशोर ने हिरासत में लिए गए ऐसे कई व्यक्तियों को संवाददाताओं के सामने पेश किया जो पटना जिले के निवासी और बांकीपुर क्षेत्र के वोटर हैं।
जनसुराज के सूत्रधार के दावे की पुष्टि करते हुए एक कार्यकर्ता नवल किशोर गुप्ता ने संवाददाताओं से कहा कि उन्हें रात को दो बजे घर से तब उठाया गया जब वह पत्नी के साथ अपने बेडरूम में थे। श्री गुप्ता बांकीपुर के वोटर भी हैं। उन्हें चुनाव के दिन पांच बजे छोड़ा दिया गया। उन्होंने कहा की मतदान के एक दिन पहले पुलिस ने जनसुराज के 18 प्रमुख कार्यकर्ताओं को उनके घर से उठा लिया और मतदान के दिन अपनी दबीश से उनके मतदाताओं को प्रभावित कर लोकतंत्र की हत्या की।
श्री किशोर ने कहा कि चुनाव के दिन अनियमितता की रिपोर्ट के लिए जब फोन लगाया गया, तब पटना के डीएम और चुनाव के ऑब्ज़र्वर फोन उठा रहे थे, लेकिन एसएसपी ने एक बार भी फोन नही उठाया। उन्होंने कहा कि एसएसपी ने अपने प्रभाव से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को लाभ पहुंचाने की कोशिश की। उन्होंने बुद्धा कॉलोनी, सिपारा, जक्कनपुर थानों की भूमिका को ले कर सवाल उठाए और कहा कि वह किसी भी हालत में चुप नहीं बैठेंगे।
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