जिनेवा/बर्लिन , फरवरी 27 -- अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (आईओएम) के नये आंकड़ों के अनुसार, 2025 में दुनिया भर में प्रवास करते समय कम से कम 7,667 लोगों की मृत्यु हुई है या वे लापता हो गए। ये आंकड़े प्रवासियों के संकट के वैश्विक स्तर को दर्शाते हैं।

आईओएम ने इन आंकड़ों का उल्लेख करते हुए उन तस्करी नेटवर्कों को खत्म करने का आह्वान किया है जो प्रवासियों का शोषण करते हैं और उनके जीवन को जोखिम में डालते हैं।

आईओएम की महानिदेशक एमी पोप ने कहा, "प्रवास के दौरान जीवन की निरंतर हानि एक वैश्विक विफलता है जिसे हम सामान्य रूप में स्वीकार नहीं कर सकते। जब सुरक्षित रास्ते पहुंच से बाहर होते हैं, तो लोग खतरनाक यात्राओं और तस्करों के हाथों में जाने के लिए मजबूर होते हैं। हमें सुरक्षित और नियमित मार्गों का विस्तार करने के लिए अभी कार्य करना चाहिए।"यद्यपि यह संख्या 2024 में दर्ज की गई लगभग 9,200 मौतों से कम है, लेकिन यह कमी विशेष रूप से अमेरिका में खतरनाक अनियमित प्रवास कम करने के प्रयास को दर्शाती है। यह कमी प्रवासियों की मौतों का दस्तावेजीकरण करने वाले मानवाधिकार कर्ताओं की सूचना तक सीमित पहुंच और धन की कमी के कारण भी है।

आईओएम ने बेहतर प्रतिक्रिया और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तथा पर्याप्त सूचना एकत्र करने के लिए तत्काल धन की भी मांग की है, ताकि न सिर्फ सटीक सूचनाओं को इकट्ठा किया जा सके, बल्कि और जिंदगियों को जोखिम में डालने से रोका जा सके।

आंकड़ों के अनुसार, समुद्री मार्गों से प्रवास सबसे अधिक घातक रहा। वर्ष 2025 में, भूमध्य सागर में कम से कम 2,185 लोग मारे गए या लापता हो गए, जबकि कैनरी द्वीप समूह की ओर पश्चिमी अफ्रीका/अटलांटिक मार्ग पर 1,214 लोगों की मृत्यु हुई या लापता हो गये। वास्तविक संख्या इससे अधिक होने की संभावना है, क्योंकि कम से कम 1,500 अतिरिक्त लोगों के समुद्र में लापता होने की सूचना मिली थी, लेकिन खोज और बचाव की सीमित जानकारी के कारण उनकी पुष्टि नहीं हो सकी है।

केवल 2025 में भूमध्यसागरीय तटों पर कम से कम 270 मानव अवशेष मिले हैं जिन्हें ज्ञात नौका दुर्घटनाओं से नहीं जोड़ा जा सका। यूरोप के समुद्री मार्गों पर खोज और बचाव की जानकारी पर बढ़ते प्रतिबंधों के कारण भी बड़ी संख्या में मामलों की पुष्टि नहीं की जा सकी है।

यह चिंताजनक प्रवृत्ति 2026 में भी जारी है। 2026 के पहले दो महीनों में भूमध्य सागर में प्रवासियों की मौत की अभूतपूर्व संख्या देखी जा रही है, जिसमें 24 फरवरी तक 606 मौतें दर्ज की गई हैं।

एशिया और पूर्वी मार्ग (हॉर्न ऑफ अफ्रीका से यमन और खाड़ी देशों तक) प्रवासियों के लिए एक और घातक वर्ष रहा है। एशिया में प्रवास के दौरान 3,000 से अधिक मौतें दर्ज की गईं, जो लगातार तीसरे वर्ष इस मार्ग पर रिकॉर्ड स्तर है। यह प्रवृत्ति अपने देश से भागने वाले अफगानों की मौतों की उच्च संख्या के कारण है, जिनमें 1,540 के मारे जाने की सूचना है।

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