प्रयागराज , अप्रैल 9 -- उत्तर प्रदेश में प्रयागराज के खुसरोबाग-लूकरगंज मार्ग पर स्थित हाईकोर्ट पानी की टंकी के पास बना पुराना पुल दस अप्रैल से वाहनों के आवागमन के लिये स्थायी रूप से बंद कर दिया जायेगा। शासन की हरी झंडी मिलने के बाद अब इस जर्जर ढांचे को ढहाकर इसके स्थान पर नए पुल का निर्माण किया जायेगा जिसके मई 2028 तक तैयार किये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस फ्लाईओवर की स्थिति लंबे समय से चिंता का विषय बनी हुई थी। पिछले वर्ष लखनऊ से आई टेक्निकल टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट में इस पुल को बेहद असुरक्षित बताते हुए आवागमन के लिए खतरनाक घोषित किया था।
इसी रिपोर्ट के आधार पर पुल पर भारी वाहनों के प्रवेश को काफी पहले ही प्रतिबंधित कर दिया गया था। वर्तमान में इस पर दोपहिया वाहन, साइकिल सवार गाड़िया लेकर आते जाते थे। जिला प्रशासन और सेतु निगम ने महाकुंभ-2025 के दौरान भीड़ के दवाब को देखते हुए इसको स्थायी रुप से बंद करने की समय सीमा को आगे बढ़ा दिया था, ताकि श्रद्धालुओं को असुविधा न हो। महाकुंभ के सकुशल संपन्न होने और नए पुल ध्वस्त करने की तैयारी अंतिम चरण की स्वीकृति मिलने के बाद पुराने पुल (किमी 826/25-27 समपार संख्या 38-डी) के बंद होने से शहर वासियों को यातायात की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
दस अप्रैल के बाद हाई कोर्ट की ओर जाने वाले सभी वाहन बगल में खुसरोबाग चौराहे से लीडर रोड पर बने नए पुल से होकर गुजरेंगे। अचानक ट्रैफिक का सारा लोड एक ही पुल पर आने के कारण इस रूट पर जाम की स्थिति बनने की आशंका है।विशेषकर ऑफिस जाने वाले को अधिक परेशानी हो सकती है।
सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) एनसीआर शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि पुल के टूटने और नए निर्माण के बीच का यह समय स्थानीय निवासियों और राहगीरों के लिए चुनौतीपूर्ण होगा, लेकिन एक सुरक्षित और आधुनिक पुल की भविष्य की जरूरत को देखते हुए यह कदम अनिवार्य माना जा रहा है।
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