प्रयागराज , अप्रैल 11 -- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में सिविल लाइंस स्थित केनरा बैंक की एमजी मार्ग शाखा में गोल्ड लोन के नाम पर धोखाधड़ी के मामले में बैंक अधिकारियों की तहरीर पर पुलिस ने 18 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस सूत्रों ने शनिवार को बताया कि बैंक के क्षेत्रीय प्रमुख एवं सहायक महाप्रबंधक पंकज वर्मा की ओर से दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया है कि बैंक के अधिकृत गोल्ड अप्रेजरों की मिलीभगत से नकली सोना गिरवी रखकर लाखों रुपये का गोल्ड लोन स्वीकृत कराया गया। तहरीर के अनुसार बैंक में गोल्ड लोन स्वीकृत करने से पहले अधिकृत गोल्ड अप्रेजर से आभूषणों की शुद्धता एवं मूल्यांकन कराया जाता है। इसी प्रक्रिया के तहत वर्ष 2023 में कई खाताधारकों को गोल्ड लोन दिया गया था।

उन्होंने बताया कि बैंक नियमों के तहत गिरवी रखे गए सोने की समय-समय पर दोबारा जांच कराई जाती है। तीन जुलाई तथा 15 जुलाई 2025 को कराई गई जांच में संबंधित आभूषण नकली पाए गए, जिसके बाद मामला प्रकाश में आया। प्राथमिकी में गोल्ड अप्रेजर विष्णु वर्मा और कौशल किशोर वर्मा समेत पलटू, महेश प्रताप सिंह, श्रीश कुमार श्रीवास्तव, अजय कुमार, मोहम्मद अरमान, विकास कुमार, रवि कुमार, मनोज कुमार, रंजना यादव, फैज खान, कुलदीप दुबे, आलोक केसरवानी, कार्तिकेय कौशिक तथा मृत्युंजय सिंह को नामजद किया गया है।

बैंक अधिकारियों के अनुसार विभिन्न खातों के माध्यम से दो लाख से पांच लाख रुपये तक के कई ऋण स्वीकृत किए गए थे। ब्याज सहित कुल देनदारी अब करोड़ों रुपये तक पहुंचने की आशंका है। सिविल लाइंस थाना प्रभारी रामाश्रय यादव ने बताया कि मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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