प्रयागराज , जुलाई 11 -- उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता के बीच प्रयागराज जिला प्रशासन संभावित बाढ़ की चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने शनिवार को मीडिया को बताया कि जिले में बाढ़ आपदा प्रबंधन की सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रयागराज में सामान्यतः जुलाई के अंतिम सप्ताह और अगस्त माह में गंगा व यमुना का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति बनती है। इसे देखते हुए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है और राहत एवं बचाव कार्यों की पूर्व तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

जिलाधिकारी के अनुसार, जिले की सदर तहसील बाढ़ की दृष्टि से सबसे अधिक संवेदनशील है। इसके अतिरिक्त, बघाड़ा, राजापुर और सलोरी सहित नदियों के किनारे बसे कई शहरी क्षेत्रों में जलभराव की समस्या उत्पन्न होती है। प्रशासन इन इलाकों पर विशेष नजर बनाए हुए है और लगातार निगरानी कर रहा है।

उन्होंने बताया कि जिले की सभी बाढ़ चौकियों को पूरी तरह तैयार कर लिया गया है। इन चौकियों पर साफ-सफाई, शौचालय, पेयजल, दवाइयों, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इसका उद्देश्य यह है कि जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।

श्री वर्मा ने यह भी बताया कि इस बार बाढ़ संभावित क्षेत्रों में रहने वाले वृद्धजनों, गर्भवती महिलाओं, दिव्यांगों और छोटे बच्चों की विशेष मैपिंग कराई गई है। इससे आपात स्थिति में प्राथमिकता के आधार पर राहत एवं बचाव कार्य तेजी से किया जा सकेगा।जिले में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात हैं, जबकि जल पुलिस और पीएसी की टीमें भी लगातार संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण कर रही हैं।शहरी क्षेत्रों में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम के साथ समन्वय स्थापित किया गया है। पिछले वर्ष मम्फोर्ड गंज पंपिंग स्टेशन पर आई तकनीकी समस्याओं को इस बार दूर कर लिया गया है। साथ ही,शहर के प्रमुख नालों की सफाई भी कराई गई है।प्रशासन ने आपदा के दौरान त्वरित सूचना आदान-प्रदान के लिए एक कम्युनिकेशन प्लान तैयार किया है। इसके अलावा, राहत सामग्री, सूखा राशन और पशुओं के लिए सूखे चारे की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई है।

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