प्रयागराज , अगस्त 10 -- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में फर्जी एलएलबी की डिग्री लगाकर बार काउंसिल में रजिस्ट्रेशन कराने वाले लोगों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई आज से शुरू हो गई है। सिविल लाइंस थाने में अब तक 35 ऐसे लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है, जबकि करीब 105 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होना अभी बाकी है। बताया जा रहा है कि अगले एक-दो दिनों में बाकी मुकदमे भी दर्ज किए जाएंगे। हाईकोर्ट के निर्देश पर बार काउंसिल ने वकीलों के रजिस्ट्रेशन में लगाई गई एलएलबी की डिग्रियों का सत्यापन कराया था। सत्यापन के दौरान कई लोगों की डिग्रियां फर्जी पाई गईं। इसके बाद बार काउंसिल की ओर से पुलिस को तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है।
पुलिस उपायुक्त नगर मनीष कुमार शांडिल्य ने बताया कि बार काउंसिल की तहरीर पर अब तक 35 लोगों के खिलाफ फर्जी एलएलबी डिग्री के आधार पर रजिस्ट्रेशन कराने के मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। करीब 105 लोगों के खिलाफ और मुकदमे दर्ज होना बाकी हैं। दरअसल, इलाहाबाद हाईकोर्ट में कफील बनाम स्टेट ऑफ यूपी मामले की सुनवाई के दौरान 3 जून 2026 को कोर्ट ने एक वकील की फर्जी डिग्री का संज्ञान लिया था। कोर्ट के निर्देश के बाद बार काउंसिल ने एफआईआर दर्ज कराई और इसके बाद बड़ी संख्या में वकीलों के रजिस्ट्रेशन में लगी डिग्रियों का सत्यापन शुरू कराया गया।
सत्यापन में राजस्थान के पीलानी स्थित श्रीधर यूनिवर्सिटी, बरेली के रुहेलखंड विश्वविद्यालय, मेरठ के स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय, गुरुग्राम और तमिलनाडु के त्रिवल्लुर विश्वविद्यालय समेत कई संस्थानों की एलएलबी की डिग्रियां संदिग्ध और फर्जी पाई गईं।बार काउंसिल के सचिव आर.के. शुक्ला की तहरीर पर 100 से ज्यादा लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया चल रही है। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इन लोगों ने फर्जी डिग्रियां कहां से हासिल कीं और इस पूरे मामले के पीछे किसी संगठित रैकेट के तार जुड़े हैं या नहीं।
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