नयी दिल्ली , मार्च 23 -- उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय (एनसीआर) की सतर्कता ने फर्जी टिकट बेचने के मामले में स्वचालित टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम) के दो सहायकों को गिरफ्तार किया है।

पकड़े गये आरोपियों की पहचान गौरव पाण्डेय और विनय शुक्ला के तौर पर हुई है। रेलवे ने सोमवार को बताया कि एनसीआर के प्रयागराज मंडल को फर्जी टिकट जारी किए जाने की आशंका से संबंधित सूचना मिली थी। यह सूचना गत शनिवार को मिली थी। रेलवे प्रशासन ने इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई प्रारंभ की।

रेलवे ने बताया है कि एटीवीएम सहायक अनुबंध के आधार पर कमीशन प्रणाली के तहत कार्य करते हैं, जिन्हें टिकट बिक्री के आधार पर पारिश्रमिक प्राप्त होता है। रेलवे के अनुसार इस मामले में गत शनिवार और रविवार को प्रयागराज मण्डल के अधिकारियों द्वारा विस्तृत और गहन जांच की गयी। इस दौरान तकनीकी तथा फील्ड स्तर पर विभिन्न बिंदुओं का परीक्षण किया गया, जिससे संदिग्ध गतिविधियों की पुष्टि हुई।

रेलवे ने बताया कि इसके बाद प्रयागराज मण्डल के वाणिज्य विभाग और उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय (एनसीआर) की सतर्कता टीम ने सोमवार को संयुक्त रूप से विशेष अभियान चलाया और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

रेलवे ने बताया कि इस मामले में फर्जी टिकट प्रिंट कराने से संबंधित अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध भी प्राथमिकी दर्ज की गयी है। रेलवे के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ में यह तथ्य सामने आया है कि आरोपी बाहरी स्रोतों से फर्जी टिकट प्रिंट कराकर यात्रियों को बेच रहे थे, जिससे रेलवे को राजस्व की क्षति होने की संभावना थी।

यह कृत्य पूर्णतः अवैध होने के साथ-साथ यात्रियों के साथ गंभीर धोखाधड़ी की श्रेणी में आता है। इस मामले में किसी भी रेलकर्मी की संलिप्तता नहीं पायी गयी है। रेल प्रशासन इस मामले की विस्तृत जांच कर रहा है। जांच के दौरान अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों और नेटवर्क की भी पहचान की जा रही है। दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या अनियमितता की सूचना तत्काल रेलवे प्रशासन अथवा हेल्पलाइन के माध्यम से दें, जिससे इस प्रकार की अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।

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