प्रयागराज , जुलाई 13 -- उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) की सहायक बोरिंग टेक्नीशियन मुख्य परीक्षा में हाईटेक तरीके से नकल कराने वाले एक संगठित गिरोह का स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने भंडाफोड़ करते हुए 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में गिरोह के सदस्य, सॉल्वर और परीक्षा में नकल कर रहे दो अभ्यर्थी शामिल हैं। एसटीएफ के अनुसार रविवार को प्रयागराज और वाराणसी में एक साथ छापेमारी कर यह कार्रवाई की गई। गिरोह का संचालन प्रयागराज से किया जा रहा था। गिरोह का सरगना शिवजीत पटेल और उसका साथी राजेन्द्र यादव उर्फ धीरेन्द्र यादव कार्रवाई के दौरान फरार हो गए, जिनकी तलाश में दबिश दी जा रही है।

पूछताछ में पता चला है कि शिवजीत पटेल, उसका भाई कप्तान सिंह पटेल, दीपक पटेल और राजेन्द्र यादव लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल कराने का नेटवर्क संचालित कर रहे थे। गिरोह रिश्तेदारों और परिचितों के माध्यम से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं से संपर्क करता था और परीक्षा पास कराने तथा सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा देकर प्रति अभ्यर्थी चार से पांच लाख रुपये तक वसूलता था।

एसटीएफ ने बताया कि दीपक पटेल और राजेन्द्र यादव परीक्षा में उपयोग किए जाने वाले माइक्रो इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की व्यवस्था करते थे। परीक्षा शुरू होने के बाद प्रश्नपत्र व्हाट्सएप के माध्यम से प्रयागराज स्थित ठिकाने पर भेजा जाता था, जहां मौजूद सॉल्वर तत्काल प्रश्नों को हल कर मोबाइल से जुड़े माइक्रो डिवाइस के जरिए परीक्षा केंद्र में बैठे अभ्यर्थियों को क्रमवार सही उत्तर बताते थे। प्रत्येक सॉल्वर को इसके लिए 20-20 हजार रुपये दिए जाते थे। गिरोह के अन्य सदस्य परीक्षा केंद्रों के बाहर निगरानी के लिए तैनात रहते थे।

गिरफ्तार अभ्यर्थी धर्मेन्द्र कुमार ने पूछताछ में बताया कि उसने परीक्षा पास कराने के लिए कप्तान सिंह पटेल के खाते में 3.75 लाख रुपये ऑनलाइन स्थानांतरित किए थे, जबकि 1.25 लाख रुपये नकद दिए थे। दूसरे अभ्यर्थी विपिन कुमार वर्मा ने बताया कि उसने पांच लाख रुपये नकद तथा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के नाम पर 25 हजार रुपये अतिरिक्त दिए थे।

एसटीएफ के मुताबिक वाराणसी के एंग्लो इंडियन मुस्लिम इंटर कॉलेज, लल्लापुरा और हरिश्चंद्र बालिका इंटर कॉलेज, मैदागिनी में परीक्षा दे रहे दो अभ्यर्थियों को माइक्रो इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिए उत्तर बताए जा रहे थे। इसी सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई।

एसटीएफ ने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ वाराणसी के सिगरा और कोतवाली थानों में उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की आगे की जांच स्थानीय पुलिस कर रही है।

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