प्रयागराज , अक्टूबर 21 -- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज मे आज शारदीय नवरात्रि के दौरान दुर्गा पूजा पंडालों में प्राण प्रतिष्ठा के बाद स्थापित की गई देवी प्रतिमाओं की नौ दिनों तक पूजा अर्चना के बाद आज विसर्जन किया जा रहा है। दशमी के मौके पर पूजा पंडालों में देवी प्रतिमाओं की पूजा अर्चना के बाद श्रद्धालु उन्हें विसर्जित करने के लिए ढ़ोल नगाड़े के साथ झूमते-नाचते विसर्जन स्थल पर पहुंच रहे हैं। हालांकि 10 बजकर 57 मिनट से एकादशी का मुहूर्त लग गया है। इसलिए पूजा अर्चना दशमी के मुहूर्त में लेकिन विसर्जन एकादशी में हो रहा है।नवरात्रि के नौ दिनों तक देवी मां के नौ स्वरुपों की आराधना के बाद विसर्जन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालु मां से बिछड़ने को लेकर जहां भावुक हैं। तो वहीं मां की विदाई और अगले वर्ष शारदीय नवरात्रि में फिर से उनके आगमन की प्रतीक्षा को लेकर लोगों में खासा उत्साह भी है।
महिला श्रद्धालुओं का कहना है कि मायके आई मां की विदाई हो रही है। निश्चित तौर पर मां की विदाई पर उनकी आंखें नम हैं। लेकिन मां का आशीर्वाद उन पर बना रहे इस कामना के साथ ही उन्हें विदा कर रही हैं। यह भी कामना कर रही है की मां अगले बरस जल्दी आएं और उन्हें आशीर्वाद दें। वहीं इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के चलते गंगा और यमुना नदियों में मूर्तियों के विसर्जन पर लगाए गए प्रतिबंध के चलते झूंसी के अंदावा इलाके में स्थित प्राचीन तालाब में प्रशासन की ओर से विसर्जन का इंतजाम किया गया है।
जिला प्रशासन ने देवी प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए पूरी तरह से इको फ्रेंडली तैयारी की है। शहरी क्षेत्र से आ रही प्रतिमाओं के विसर्जन के बाद मशीन द्वारा उन्हें खींचकर दूसरे छोर पर ले जाया जा रहा है। जहां पर मूर्तियों की मिट्टी के पानी में घुल जाने के बाद मूर्ति तैयार करने में लगे बांस और दूसरे सामान क्रेन के जरिए तालाब से निकालकर दूसरी जगह फेंका जा रहा है। इसके साथ ही तालाब में किसी तरह की भी पॉलीथीन फेंके जाने को पूरी तरह से प्रतिबंधित किया गया है। मूर्ति विसर्जन का सिलसिला मंगलवार को ही शुरू हो गया था। पहले दिन जहां 218 देवी प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। वही आज दोपहर तक 50 से ज्यादा प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा चुका है। आज देर शाम तक देवी प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला इसी तरह चलता रहेगा। पिछले सात-आठ वर्षो से अंदावा के तालाब में ही मूर्तियों का विसर्जन किया जा रहा है। हांलाकि देवी प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए तालाब के पास सुरक्षा और ट्रैफिक के पुख्ता इंतजाम किये गए हैं।मूर्ति विसर्जन के दौरान किसी अनहोनी को रोकने के लिए विसर्जन स्थल पर सिविल डिफेन्स के वालेन्टियर के साथ ही जल पुलिस और गोताखोर को भी तैनात कर दिया गया है।
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