प्रयागराज , जुलाई 03 -- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) का त्रिवेणी संगम तट पर जल सत्याग्रह दूसरे दिन भी जारी रहा। इस बीच प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) और राजस्व विभाग की शिकायत पर भाकियू के युवा प्रदेश अध्यक्ष अनुज सिंह के खिलाफ एयरपोर्ट थाने में आठ मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार अनुज सिंह के विरुद्ध बिना नक्शा स्वीकृत कराए कथित अवैध प्लाटिंग और अवैध निर्माण से जुड़े मामलों में मुकदमे दर्ज किए गए हैं। प्रकरण में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
उधर, अनुज सिंह के नेतृत्व में दर्जनों किसान लगातार दूसरे दिन भी त्रिवेणी संगम में जल के भीतर खड़े होकर अपनी मांगों के समर्थन में जल सत्याग्रह कर रहे हैं।
अनुज सिंह ने आरोप लगाया कि प्रयागराज में किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है, लेकिन जिला प्रशासन द्वारा संशोधित सर्किल रेट में जमीनों का मूल्य काफी कम निर्धारित किया गया है। उनका दावा है कि महाकुंभ से पहले जिन जमीनों का अधिग्रहण लगभग ढाई करोड़ रुपये प्रति बीघा की दर से किया गया था, उन्हीं क्षेत्रों में अब किसानों को करीब 50 लाख रुपये प्रति बीघा का मुआवजा दिया जा रहा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि फर्जी दस्तावेज तैयार कर किसानों की जमीनों पर बैकडेट में कब्जा करने का गिरोह सक्रिय है। इसके अलावा किसानों को खाद की उपलब्धता और ग्रामीण क्षेत्रों में सात से आठ घंटे ही बिजली आपूर्ति होने की समस्या का भी उल्लेख किया।
अनुज सिंह ने कुछ अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं को लेकर 25 जून को जिलाधिकारी के साथ वार्ता हुई थी, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। उनका आरोप है कि समस्याओं के समाधान के बजाय उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज कराने की चेतावनी दी गई और अब मुकदमे भी दर्ज करा दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन चाहे जितने मुकदमे दर्ज करा दे, किसानों की मांगें पूरी होने तक जल सत्याग्रह समाप्त नहीं किया जाएगा।
जिला प्रशासन की ओर से किसानों के आरोपों और जल सत्याग्रह को लेकर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हो सकी है।
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