प्रयागराज , जुलाई 27 -- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई तोड़फोड़ और हिंसा के मामले में पुलिस ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए सीसीटीवी फुटेज और वीडियो साक्ष्यों के आधार पर 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी उपद्रव में शामिल थे और इनमें कोई भी छात्र नहीं है। पुलिस सूत्रों के अनुसार 25 जुलाई को हुए प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ और अराजकता फैलाने के आरोप में चिह्नित 10 लोगों को सोमवार को गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपियों को देर शाम मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की उम्र 18 से 26 वर्ष के बीच है। इनमें दिलशाद नामक एक आरोपी माफिया अतीक अहमद के गढ़ माने जाने वाले मरियाडीह क्षेत्र का निवासी है। जांच में सामने आया कि प्रदर्शन के दौरान वह बिना नंबर प्लेट और ब्लैक फिल्म लगी काले रंग की थार वाहन से धरना स्थल के आसपास घूम रहा था। पूछताछ में उसने स्वयं को दूध का व्यवसायी बताया, लेकिन प्रदर्शन स्थल पर मौजूद होने का संतोषजनक कारण नहीं बता सका।

उधर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब केंद्र सरकार ने छात्रों के खिलाफ कार्रवाई न करने का आश्वासन दिया था, तो फिर गिरफ्तारियां क्यों की जा रही हैं।

इस बीच समाजवादी पार्टी की प्रतापपुर विधायक विजमा यादव और सोरांव विधायक गीता पासी संबंधित थाने पहुंचीं। विजमा यादव ने बताया कि गिरफ्तार युवकों में कुछ उनके विधानसभा क्षेत्र के निवासी हैं। उनके परिजनों ने आरोप लगाया था कि पुलिस उन्हें जबरन उठाकर ले गई है। इसी के बाद वह थाने पहुंचीं और पुलिस से गिरफ्तारी का आधार पूछा तथा किसी निर्दोष को न फंसाने की मांग की।

पुलिस आयुक्त (नगर) मनीष कुमार शांडिल्य ने कहा कि गिरफ्तार किए गए लोगों में कोई भी छात्र नहीं है। उन्होंने बताया कि सभी आरोपियों की पहचान सीसीटीवी कैमरों और वीडियो फुटेज के आधार पर की गई है, जिनमें वे तोड़फोड़ और अराजक गतिविधियों में शामिल दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की गई है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित