प्रयागराज , अगस्त 25 -- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद का गढ़ रहे चकिया और कसारी-मसारी क्षेत्र में अब नई आवासीय परियोजना शुरू होने जा रही है। प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) की प्रस्तावित पद्म आवास योजना को रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) से मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही परियोजना के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।

लगभग 9,811.35 वर्ग मीटर भूमि पर प्रस्तावित इस परियोजना में 14 मंजिला आवासीय भवन बनाया जाएगा, जिसकी ऊंचाई करीब 44.85 मीटर होगी। योजना के तहत कुल 602 दो-बीएचके फ्लैट बनाए जाएंगे। परियोजना की अनुमानित लागत 150 करोड़ रुपये है, जबकि प्रत्येक फ्लैट की अनुमानित कीमत 28 लाख रुपये रखी गई है।

पीडीए सचिव विनीत सिंह के अनुसार, प्रत्येक फ्लैट का कारपेट एरिया करीब 37.41 वर्ग मीटर यानी 403 वर्ग फीट होगा। इसका बिल्ट-अप एरिया 507 वर्ग फीट और सुपर बिल्ट-अप एरिया करीब 608 वर्ग फीट होगा। फ्लैट में बैठक कक्ष, दो बेडरूम, दो शौचालय, रसोई और बालकनी जैसी सुविधाएं होंगी। प्रत्येक मंजिल पर करीब 43 फ्लैट बनाए जाने की योजना है।

पीडीए ने फ्लैटों का आकार तय करने से पहले लोगों से सुझाव मांगे थे। एक, दो और तीन बीएचके फ्लैटों को लेकर एक हजार से अधिक लोगों ने अपनी राय दी थी। इनमें करीब 70 प्रतिशत लोगों ने दो-बीएचके फ्लैट को प्राथमिकता दी। इसके आधार पर पीडीए ने 602 दो-बीएचके फ्लैटों की योजना को अंतिम रूप दिया।

परियोजना का स्थान भी सुविधाजनक बताया जा रहा है। यह इलाहाबाद हाईकोर्ट से करीब तीन किलोमीटर, प्रयागराज जंक्शन से दो किलोमीटर, सिविल लाइंस बस स्टेशन से पांच किलोमीटर, एयरपोर्ट से सात किलोमीटर और सूबेदारगंज रेलवे स्टेशन से करीब ढाई किलोमीटर दूर है।

इससे पहले लूकरगंज में भी इसी तरह की आवासीय परियोजना के तहत लोगों को फ्लैट उपलब्ध कराए गए थे। अब 602 फ्लैट वाली पद्म आवास योजना पर लोगों की नजर है। रेरा की मंजूरी मिलने के बाद भूमि पूजन और निर्माण कार्य की प्रक्रिया जल्द शुरू होने की उम्मीद है।

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