प्रयागराज , सितंबर 10 -- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गंगा और यमुना के जलस्तर में पिछले 24 घंटे की गिरावट के बाद बुधवार देर शाम फिर मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई। नौ सितंबर शाम चार बजे तक पिछले चार घंटे में नैनी में यमुना का जलस्तर चार सेंटीमीटर बढ़कर 81.57 मीटर, फाफामऊ में गंगा एक सेंटीमीटर बढ़कर 81.77 मीटर और छतनाग में यमुना चार सेंटीमीटर बढ़कर 81.09 मीटर पहुंच गई। एसटीपी बक्शी बांध पर भी जलस्तर में दो सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई।

हालांकि, दोनों नदियां अभी 84.734 मीटर के खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही हैं। जिले के सभी तटबंध सुरक्षित बताए गए हैं। प्रशासन की ओर से जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बीच तटबंधों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है।

दूसरी ओर, संगम स्थित श्री बड़े हनुमान मंदिर में बाढ़ का पानी अब भी भरा हुआ है। लगातार 12वें दिन श्री लेटे हनुमान जी शयन अवस्था में हैं और मंदिर का गर्भगृह जलमग्न है। रिवर फ्रंट रोड, नागवासुकी मंदिर, दारागंज घाट और श्री लेटे हनुमान मंदिर परिसर में भी बाढ़ का पानी मौजूद है।

पानी घटने से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को कुछ राहत मिली है, हालांकि प्रभावित क्षेत्रों से पानी पूरी तरह निकलने में अभी समय लग सकता है। प्रशासन धार्मिक स्थलों और अन्य बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर भी नजर बनाए हुए है।

इससे पहले आठ सितंबर की सुबह जारी रिपोर्ट में गंगा और यमुना के जलस्तर में पिछले 24 घंटे के दौरान गिरावट दर्ज की गई थी। नैनी में यमुना का जलस्तर 81.42 मीटर था और इसमें 34 सेंटीमीटर की कमी आई थी। फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 81.90 मीटर रहा, जहां 11 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई थी।

छतनाग में यमुना का जलस्तर 80.96 मीटर और एसटीपी बक्शी बांध पर 81.57 मीटर दर्ज किया गया था। इसके बाद बुधवार को चार घंटे की निगरानी में दोनों नदियों के जलस्तर में फिर मामूली बढ़ोतरी हुई। फिलहाल जिले के सभी तटबंध सुरक्षित हैं और दोनों नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है। इसके बावजूद बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों तथा धार्मिक स्थलों में जमा पानी को देखते हुए प्रशासन की निगरानी जारी है।

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