प्रयागराज , अगस्त 6 -- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में लगातार हो रही बारिश का असर अब गंगा और यमुना के जलस्तर पर भी दिखाई देने लगा है। पिछले 24 घंटे में दोनों नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि दोनों नदियां अभी खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही हैं और जिले में फिलहाल बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष की गुरुवार सुबह जारी रिपोर्ट के अनुसार नैनी में यमुना का जलस्तर 18 सेंटीमीटर बढ़कर 74.96 मीटर दर्ज किया गया, जबकि एक दिन पहले यह 74.78 मीटर था। इसी प्रकार फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 31 सेंटीमीटर बढ़कर 78.32 मीटर तथा छतनाग में 14 सेंटीमीटर की वृद्धि के साथ 74.59 मीटर दर्ज किया गया। जिले में गंगा और यमुना के लिए खतरे का निशान 84.734 मीटर निर्धारित है, जिससे दोनों नदियां अभी काफी नीचे बह रही हैं।
अधिकारियों के अनुसार पहाड़ी और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही वर्षा का असर अब प्रयागराज तक पहुंचने लगा है। इसके चलते दोनों नदियों का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा है। संगम क्षेत्र और आसपास के घाटों के निचले हिस्सों तक पानी पहुंचने लगा है, जिससे घाट किनारे अस्थायी दुकान लगाने वाले लोग अपना सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहे हैं। वहीं नाविक भी नदी की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार बुधवार सुबह नैनी क्षेत्र में 41.8 मिमी, फाफामऊ में 22.6 मिमी तथा छतनाग में 28.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके एक दिन पहले नैनी में 2.4 मिमी और फाफामऊ में 18.4 मिमी वर्षा हुई थी, जबकि छतनाग में वर्षा दर्ज नहीं की गई थी। लगातार हुई बारिश के कारण नदियों के जलस्तर में वृद्धि देखने को मिल रही है।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष ने बताया कि जिले के सभी तटबंध पूरी तरह सुरक्षित हैं और प्रशासन नदी के जलस्तर तथा तटबंधों की लगातार निगरानी कर रहा है। अधिकारियों ने कहा कि फिलहाल बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है, लेकिन जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए लोगों से नदी और घाटों के आसपास सतर्कता बरतने की अपील की गई है।
प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाए जायेंगे।
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