प्रयागराज , नवंबर 02 -- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गंगा नदी पर फाफामऊ के पास आकार ले रहे करीब दस किलोमीटर लंबे सिक्स-लेन एक्स्ट्राडोज़्ड केबल स्टेड पुल का निर्माण कार्य अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को इस महत्वाकांक्षी परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण स्थल पर मौजूद संबंधित कार्यदायी संस्था, कंपनी के प्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों से प्रगति रिपोर्ट ली तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता व गति की गहन समीक्षा की।
उन्होने बताया कि यह देश में अपनी तरह का पहला ब्रिज है जिसकी लंबाई लगभग दस किलोमीटर है और प्रयागराज सहित पूरे प्रदेश के लोगों को इसके शुरू होने का बेसब्री से इंतजार है।डिप्टी सीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्य को तय समय सीमा के अंदर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती के अवसर पर पुल की दोनों लेनों का काम पूरा कर लिया जाए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह एक अत्यधिक जटिल और तकनीकी प्रकृति का कार्य है इसलिए यदि दिसंबर के अंत तक दोनों लेन पूरी तरह तैयार हो जाती है तो 2027 के प्रारंभ में इस भव्य पुल को आम जनता, तीर्थयात्रियों और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए पूरी तरह समर्पित कर दिया जाएगा।गौरतलब है यह सिक्स-लेन पुल प्रयागराज के स्टेनली रोड स्थित कलश चौराहा से फाफामऊ के मलाक हरहर के बीच बनाया जा रहा है जो उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा सिक्स-लेन पुल है। इसके चालू होने से प्रयागराज शहर के तेलियरगंज और फाफामऊ क्षेत्र में दशकों से लगने वाले भयंकर ट्रैफिक जाम से स्थानीय नागरिकों को हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी। इसके अलावा प्रयागराज से लखनऊ, अयोध्या, प्रतापगढ़ और सुल्तानपुर की ओर जाने वाले दैनिक यात्रियों व भारी वाहनों का सफर बेहद सुगम और तीव्र हो जाएगा। इस पर लगभग 1,948 करोड़ की लागत आई है।
वर्तमान में प्रयागराज से लखनऊ की लगभग 202 किलोमीटर की दूरी तय करने में करीब चार घंटे लगते है लेकिन इस वैकल्पिक और आधुनिक मार्ग के तैयार होने से यात्रा समय में खासी बचत होगी। निरीक्षण के दौरान श्री मौर्य ने कहा कि पहले फाफामऊ मार्ग पर भयंकर जाम रहता था। हालांकि बाद में पीपा पुल का निर्माण कराकर स्थिति सुधारने का प्रयास किया गया था लेकिन वह नाकाफी था।
उन्होंने विश्वास जताया कि इस आधुनिक सिक्स-लेन ब्रिज के पूरी तरह संचालित होने के बाद माघ मेला, कुंभ मेला और कल्पवासियों के साथ-साथ आम राहगीरों को आवागमन में किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा। प्रयागराज की कनेक्टिविटी और विकास की रूपरेखा पर बात करते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने रिंग रोड परियोजना का भी ब्यौरा दिया। उन्होंने बताया कि रिंग रोड का पहला फेज तैयार हो चुका है और दूसरे फेज पर कार्य तीव्र गति से जारी है जबकि तीसरे और चौथे फेज के निर्माण को तेजी से पूरा करने का आदेश दिया गया है। रिंग रोड और इस नए केबल पुल के परस्पर जुड़ जाने से रिंग रोड के अंदर और बाहर एक नए आधुनिक प्रयागराज का स्वरूप स्थापित होगा। साथ ही उन्होंने प्रयागराज के सौंदर्य और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शहर में एक रिवॉल्विंग रेस्टोरेंट स्थापित करने की योजना पर भी बल दिया जिसके लिए सरकारी या निजी क्षेत्र के माध्यम से कदम उठाए जाए।
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