प्रयागराज , सितंबर 7 -- उत्तर प्रदेश में प्रयागराज के सिविल लाइंस क्षेत्र में अधिवक्ता से मारपीट के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सोमवार को करीब 40-50 अधिवक्ताओं ने पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) का घेराव कर करीब एक घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया। पुलिस आयुक्त पीयूष मोर्डिया के कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया। अधिवक्ता सुबह करीब 11.30 बजे पुलिस मुख्यालय पहुंचे और मुख्य प्रवेश द्वार के सामने बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन में पीड़ित अधिवक्ता विष्णु पांडेय भी शामिल थे। अधिवक्ताओं का आरोप था कि पूर्व में आश्वासन दिए जाने के बावजूद मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई है। करीब एक घंटे बाद पुलिस आयुक्त मौके पर पहुंचे और अधिवक्ताओं से बातचीत की। उन्होंने मामले में शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया। अधिवक्ताओं द्वारा आरोपियों के रसूखदार होने का आरोप लगाए जाने पर पुलिस आयुक्त ने निष्पक्ष और नियमानुसार कार्रवाई किए जाने का भरोसा दिलाया। इसके बाद अधिवक्ता शांत होकर वापस लौट गए। इस दौरान अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) डॉ. अजयपाल शर्मा समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

पुलिस के अनुसार, मामला दो सितंबर की रात का है। एजी ऑफिस के पास स्थित लोकनाथ रेस्टोरेंट में खाना खाने गए अधिवक्ता विष्णु पांडेय ने आरोप लगाया कि खाना खराब होने की शिकायत करने पर रेस्टोरेंट संचालक, मैनेजर और वेटरों ने उनके साथ मारपीट की। उनका आरोप है कि उन्हें रेस्टोरेंट से बाहर लाकर बीच सड़क पर पीटा गया।

अधिवक्ता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने रेस्टोरेंट संचालक, मैनेजर, वेटरों समेत अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। घटना के विरोध में अधिवक्ताओं ने अगले दिन एकलव्य चौराहे पर करीब चार घंटे प्रदर्शन किया था, जिससे प्रयागराज-कानपुर राजमार्ग पर यातायात प्रभावित रहा। घटना का कथित वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुछ लोग सड़क पर अधिवक्ता के साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं।

तहरीर में अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि रेस्टोरेंट में उन्हें जला हुआ चावल परोसा गया था। इस पर आपत्ति करने के बाद मैनेजर और वेटरों ने उनसे विवाद किया। उनका आरोप है कि कुछ लोग, जिनमें कुछ शराब के नशे में थे, वहां पहुंचे और उनके साथ मारपीट की। उन्होंने शर्ट फाड़ने, चेन और जेब से 890 रुपये निकालने तथा सिर पर किसी कठोर वस्तु से वार कर घायल करने का भी आरोप लगाया है। अधिवक्ता के अनुसार, चोट लगने के बाद वह बेहोश होकर गिर गए और उनके मित्र उन्हें बचाकर थाने ले गए।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित