वाराणसी , जनवरी 12 -- अध्यात्म और तपस्या की पावन स्थली तीर्थराज प्रयाग में इस वर्ष का माघ मेला एक विशिष्ट आध्यात्मिक आभा से ओतप्रोत होने जा रहा है। ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज मंगलवार को माघ मेला क्षेत्र में विधिपूर्वक प्रवेश करेंगे। उनके आगमन के साथ ही संगम तट पर स्थित उनके शिविर में विशेष धार्मिक अनुष्ठानों की श्रृंखला प्रारंभ हो जाएगी।

शंकराचार्य जी महाराज इस वर्ष प्रयाग प्रवास के दौरान 'गुप्त नवरात्र' का विशेष अनुष्ठान संपन्न करेंगे। विदित हो कि प्रयाग भगवती ललिता देवी का सिद्ध क्षेत्र है। तंत्र और शक्ति साधना के दृष्टिकोण से गुप्त नवरात्र का विशेष महत्व होता है। वर्ष में आने वाले चार नवरात्रों में से दो प्रकट और दो गुप्त होते हैं। आषाढ़ और माघ मास में पड़ने वाले गुप्त नवरात्रों में साधक गोपनीय रूप से शक्ति की उपासना करते हैं।

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