प्रयागराज , अक्टूबर 08 -- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के गंगापार इलाके में करीब 15 दिनों से तेंदुए की दहशत बनी हुई है। हर दूसरे दिन किसी न किसी गांव में तेंदुए की आहट से ग्रामीणों में डर का माहौल है। अब तक तेंदुआ एक भैंस और करीब छह बकरियों को अपना शिकार बना चुका है। तेंदुये की दहशत से ग्रामीण बच्चों को अकेले घर से बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं। खेतों में काम करने के लिए लोग समूह बनाकर जा रहे हैं। मवेशियों को भी खुले में छोड़ने के बजाय बाड़े के अंदर बांधा जा रहा है। बकरी, बकरियां और बछड़ों को चरने के लिए बाहर नहीं भेजा जा रहा है। तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीमें गांव-गांव निगरानी कर रही हैं। कई जगह पिंजरे भी लगाए गए हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ काफी चालाक है और वन विभाग की गतिविधियों की भनक लगते ही दूसरे गांव की ओर निकल जाता है।सरायइनायत थाना क्षेत्र के अजबैयां गांव में कल रात तेंदुआ एक मकान की बाउंड्री कूदकर अंदर पहुंच गया। मकान बेला सिंह का बताया गया है। तेंदुए को देखकर शोर मचा तो वह वहां से निकलकर झाड़ियों की ओर चला गया।इसके बाद कई घंटे तक गांव में हंगामा और अफरा-तफरी का माहौल रहा। तेंदुए की दहशत के बीच अफवाहें भी फैलती रहीं। ग्रामीण पूरी रात जागते रहे।

सूचना पर वन विभाग की टीम को दी गई मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने घेराबंदी कर तेंदुए की तलाश की, लेकिन वह पकड़ में नहीं आया। रेंजर लक्ष्मीकांत दुबे और डिप्टी रेंजर सत्येंद्र चौधरी टीम के साथ आधी रात तक इलाके में निगरानी करते रहे। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों, जंगली रास्तों और आबादी के आसपास अलग-अलग जगहों पर तेंदुआ दिखाई देने से डर लगातार बढ़ रहा है। तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग ने ऊष्मापुर में पिंजरा लगाया है। इसके बावजूद तेंदुआ अभी तक पिंजरे में नहीं आया। पुलिस और वन विभाग की टीमें लगातार क्षेत्र में निगरानी कर रही हैं। ग्रामीणों की मांग है कि वन विभाग जल्द से जल्द तेंदुए को पकड़कर आबादी से दूर ले जाए, ताकि लोगों और मवेशियों पर खतरा टल सके।

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