प्रयागराज , मई 26 -- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के धूमनगंज क्षेत्र स्थित शंभूनाथ हॉस्पिटल के कर्मचारी और प्रबंधन के खिलाफ मरीजों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने के गंभीर आरोपों में एफआईआर दर्ज की गई है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि अस्पताल में कई मरीजों को एक ही नीडिल से इंजेक्शन लगाया जा रहा था, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा उत्पन्न हो गया। कटहुला गौसपुर निवासी रौनित गुप्ता के अनुसार वह 20 मई को इलाज के लिए शंभूनाथ हॉस्पिटल में भर्ती हुआ था। उनका उपचार आयुष्मान कार्ड के तहत चल रहा था, जबकि अस्पताल द्वारा 18 हजार रुपये नकद भी लिए गए।
पीड़ित का आरोप है कि 25 मई की सुबह करीब छह बजे उसने अस्पताल के एक कर्मचारी को कई मरीजों को एक ही नीडिल से इंजेक्शन लगाते हुए देखा। रौनित के मुताबिक जिस इंजेक्शन से अन्य मरीजों को दवा दी जा रही थी, उसी से उसे भी इंजेक्शन लगाया गया। विरोध करने पर आरोपी कर्मचारी राजीव मौके से भाग गया।
रौनित ने घटना की जानकारी अपने परिजनों को दी। आरोप है कि जब परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन से शिकायत की तो प्रबंधक ने विवाद किया और अंजाम भुगतने तथा जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित ने अपनी तहरीर में दावा किया है कि पूरी घटना अस्पताल के सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड है। शिकायत के आधार पर धूमनगंज थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पीड़ित ने सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को उपलब्ध कराया है।
थाना प्रभारी धनंजय पांडे ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर शंभूनाथ हॉस्पिटल के कर्मचारी राजीव और प्रबंधक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है तथा सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है।
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