वाराणसी , अप्रैल 7 -- धार्मिक नगरी काशी में रोज सैकड़ों श्रद्धालु और पर्यटक गंगा घाटों पर घूमने और स्नान करने आते हैं। अक्सर गंगा में स्नान करते समय डूबने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। अब वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट ने गंगा घाटों पर स्नानार्थियों की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है।

पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बताया कि जिन घाटों पर अधिक संख्या में लोग स्नान करते हैं, वहाँ तीन किलोमीटर क्षेत्र में वाटर बैरिकेडिंग लगाने की पूरी योजना तैयार कर ली गई है। बैरिकेडिंग के नीचे जाल लगा होगा, जिसके आगे कोई भी व्यक्ति नहाने नहीं जा सकेगा। साथ ही यदि कोई डूबने की स्थिति में आ जाए तो जाल उसे सुरक्षित रखेगा। यह व्यवस्था प्रयागराज कुंभ मेला में पहले भी सफलतापूर्वक लागू की जा चुकी है।

उन्होने बताया कि इस महीने के अंत तक काशी के प्रमुख घाटों पर यह सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। भीड़भाड़ वाले घाटों पर फ्लोटिंग जेटी और जाल की मदद से स्नानार्थी सुरक्षित रह सकेंगे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और जल पुलिस की टीमें लगातार गंगा में निगरानी करती रहती हैं। अस्सी, दशाश्वमेध, अहिल्याबाई, दरभंगा, तुलसी, राणा महल, राजेंद्र प्रसाद और शीतला घाट समेत अन्य कई घाटों पर भारी भीड़ उमड़ती है। इन सभी घाटों पर जल्द ही वाटर बैरिकेडिंग की व्यवस्था कर दी जाएगी।

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