जयपुर , मई 01 -- राजस्थान में जमीनों पर कब्जा करने के आरोपों में घिरे प्रमोद शर्मा को राजस्थान उच्च न्यायालय से राहत नहीं मिली है।
न्यायालय ने उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रद्द करने की याचिका खारिज कर दी है। इसके बाद प्रमोद शर्मा की गिरफ्तारी की संभावना बढ़ गयी है।
मामला जयपुर के मानसरोवर थाना क्षेत्र का है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि प्रमोद शर्मा समेत नौ लोगों ने फर्जी दस्तावेज तैयार करके कीमती जमीन पर अवैध कब्जा किया। इस संबंध में जुलाई 2025 में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी।
उच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान प्रमोद शर्मा की ओर से आरोपों को निराधार बताते हुए पुलिस कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की गयी। राज्य सरकार और शिकायतकर्ता पक्ष ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि मामला गंभीर धोखाधड़ी और जमीन कब्जाने से जुड़ा है, इसलिए किसी तरह की राहत नहीं दी जानी चाहिए। न्यायालय ने दलीलें सुनने के बाद प्राथमिकी निरस्त करने से इन्कार कर दिया।
राजनीतिक हलकों में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि प्रमोद शर्मा पर खुद को मुख्यमंत्री के करीबी रिश्तेदार बताकर दबाव बनाने के आरोप भी लगते रहे हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित