हैदराबाद , अप्रैल 22 -- तेलंगाना के परिवहन और पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने बुधवार को राज्य सड़क परिवहन निगम (आरटीसी) कर्मचारियों से चल रही हड़ताल खत्म करने की अपील करते हुए उनसे लोगों की भलाई और संगठन को बचाने को प्राथमिकता देने का आग्रह किया।

श्री प्रभाकर ने एक बयान में कहा कि सरकार ने पहले ही मुख्य मुद्दों की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय चार सदस्यों की समिति बनाई है और उसे चार हफ्तों के अंदर अपनी रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।

उन्होंने उन आरोपों को खारिज कर दिया कि समिति फैसलों में देरी करने के लिए बनाई गई थी, और कहा कि कर्मचारियों की उठाई गई 32 मांगों में से 29 को तुरंत हल किया जा सकता है।

श्री प्रभाकर ने साफ किया कि सिर्फ दो मुद्दे आरटीसी का सरकार में विलय और मान्यता प्राप्त ट्रेड यूनियनों के चुनाव अपने तकनीकी और जटिल कारणों के कारण लंबित हैं। उन्होंने कहा कि इन पर पूरी तरह से समीक्षा के बाद सीधे मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से बात की जाएगी।

उन्होंने सरकार के उठाए गए कदमों के बारे में बताते हुए कहा कि 2017 के पीआरसी बकाया और महंगाई भत्ते जैसे लंबित बकाया का समाधान कर दिया गया हैं,। इसके साथ ही 2013 के पुराने बॉन्ड भी भुगतान कर दिया गया हैं। भविष्य निधि कोष बकाया को 1,205 करोड़ रुपये से घटाकर 600 करोड़ रुपये कर दिया गया, जबकि सीसीएस ड्यूज़ को 690 करोड़ रुपये से घटाकर 300 करोड़ रुपये कर दिया गया, और इन देनदारियों के लिए हर महीने 75 करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि 4,538 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया लगभग पूरा होने वाली है, जबकि 1,134 शिकायत केन्द्र शुरू कर दिए गए हैं। पिछली सरकार के दौरान निकाले गए लगभग 250 कर्मचारियों को भी वापस रखा गया है।

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