नयी दिल्ली , अगस्त 15 -- केंद्र सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार, प्रोफेसर अजय कुमार सूद ने शनिवार को 80वें स्वतंत्रता दिवसर ग्रामीण प्रौद्योगिकी के विकास एवं हस्तांतरण पर केन्द्रित आरएसवीसी-अमृत एएमआरआईटी (अमृत) का शुभारंभ किया।
यह एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसे ग्रामीण क्षेत्रों की ज़रूरतों को सही तकनीकों, भागीदारों और फंडिंग से जोड़ने के लिए प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय के सहयोग से नाबार्ड द्वारा विकसित किया गया है, जो प्रौद्योगिकी आधारित ग्रामीण विकास को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार एएमआरआईटी, रूटेज स्मार्ट विलेज सेंटर (आरएसवीसी) इकोसिस्टम की डिजिटल रीढ़ के रूप में कार्य करता है, ग्रामीण नवाचार और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण का समर्थन करता है और ग्रामीण क्षेत्रों में उपयुक्त प्रौद्योगिकियों को वृहद रूप से अपनाने में सक्षम बनाता है।
समारोह के शुभारंभ में नाबार्ड के अध्यक्ष डॉ. शाजी कृष्णन वी., विभिन्न संगठनों और हितधारक समूहों के प्रतिनिधियों के साथ उपस्थित हुए।प्रो. सूद ने कार्यक्रम में कहा कि एएमआरआईटी को एक व्यापक डिजिटल इकोसिस्टम के रूप में डिज़ाइन किया गया है जो प्रौद्योगिकी की खोज और सत्यापन से लेकर तैनाती ट्रैकिंग, सहयोग, निगरानी और ज्ञान प्रबंधन तक, संपूर्ण आरएसवीसी जीवनचक्र का समर्थन करता है। उन्होंने कहा कि यह प्लेटफॉर्म धीरे-धीरे नवप्रवर्तकों, प्रौद्योगिकी प्रदाताओं, स्टार्टअप्स, सत्यापनकर्ताओं, एक्सेलरेटरों, कार्यान्वयन भागीदारों, वित्तपोषण एजेंसियों, शैक्षणिक संस्थानों और ग्रामीण समुदायों को एक साझा मंच पर एकजुट करेगा।
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