भुवनेश्वर , अप्रैल 02 -- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से अंगुल जिले में सड़क बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है, ताकि कोयला परिवहन को मजबूती मिल सके और औद्योगिक विकास को बढ़ावा दिया जा सके।
श्री प्रधान ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में छेंदीपाड़ा-अंगुल राज्य राजमार्ग (एसएच-63) को चार लेन सड़क में बदलने और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में बाईपास बनाने का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने बेहतर संपर्क के लिए छेंदीपाड़ा-जरापाड़ा जिला मुख्य सड़क के विस्तार की भी सिफारिश की है।
श्री प्रधान ने अंगुल के रणनीतिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि लगभग 15 लाख की आबादी वाला यह जिला राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में करीब पांच प्रतिशत का योगदान देता है। कोयला भंडार से समृद्ध अंगुल का वार्षिक कोयला उत्पादन 2033 तक मौजूदा 11.6 करोड़ टन से बढ़कर 25 से 30 करोड़ टन होने का अनुमान है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह जिला स्टील, एल्युमीनियम और तापीय उर्जा जैसे भारी उद्योगों के साथ-साथ सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) का भी एक प्रमुख केंद्र है। क्षेत्र के मुख्य औद्योगिक और ऊर्जा प्रतिष्ठानों में नाल्को स्मेल्टर प्लांट, एनटीपीसी कनिहा, तालचेर सुपर थर्मल पावर स्टेशन और महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड द्वारा संचालित कोयला खदानें शामिल हैं, जो ओडिशा की ऊर्जा सुरक्षा की रीढ़ हैं।
केंद्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि अकेले छेंदीपाड़ा तहसील में भारत के कोयला भंडार का लगभग छठा हिस्सा है, जो ऊर्जा क्षेत्र में इसके राष्ट्रीय महत्व को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सड़क ढांचा, विशेष रूप से एसएच-63 और छेंदीपाड़ा-जरापाड़ा सड़क, कोयला परिवहन के बढ़ते दबाव को झेलने के लिए अब पर्याप्त नहीं है।
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