नयी दिल्ली , जुलाई 23 -- शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे और नीट यूजी पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग पर अड़े विपक्ष ने लगातार चौथे दिन गुरुवार को भी राज्यसभा और लोकसभा में जोरदार हंगामा किया जिससे दोनों सदनों की कार्यवाही बार-बार के स्थगन के बाद अंतत: दिन भर के लिए स्थगित करनी पड़ी।

श्री प्रधान के इस्तीफे तथा नीट के मुद्दे पर चर्चा कराने को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के अपने-अपने रूख पर अड़े रहने के कारण उत्पन्न गतिरोध के चलते मानसून सत्र के पहले चार दिनों में हंगामे के कारण दोनों सदनों में कोई विधायी कामकाज नहीं हो सका तथा संसद की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ गयी।

विपक्ष शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़िग है और उसका स्पष्ट कहना है कि इस्तीफे के बिना चर्चा शुरू नहीं होगी वहीं सत्ता पक्ष श्री प्रधान के इस्तीफे पर चुप्पी साधे हुए है और उसका कहना है कि वह नीट परीक्षा लीक और इससे संबंधित आंदोलन के हर मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए तैयार है तथा विपक्ष को भी चर्चा के लिए तैयार होना चाहिए।

इस मुद्दे पर राज्यसभा की कार्यवाही पहले तीन बार स्थगित की गयी और आखिरकार दिन भर के लिए स्थगित कर दी गयी। ऐसे ही लोकसभा की कार्यवाही भी दो बार के स्थगन के बाद दिन भर के लिए स्थगित कर दी गयी।

राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने साफ शब्दों में कहा कि नीट के मुद्दे पर चर्चा श्री प्रधान के इस्तीफे के बाद ही शुरू होगी। सत्ता पक्ष की ओर से नेता सदन जगत प्रकाश नड्डा और संसदीय कार्य मंत्री किरेण रिजिजू ने कहा कि कहा कि विपक्ष का व्यवहार बहुत गैर जिम्मेदाराना है। विपक्ष न चर्चा चाहता है और न ही सदन चलने देना चाहता है। नेता सदन ने कहा कि पहले विपक्ष ने कहा कि नीट पर चर्चा करो, सरकार इसके लिए तैयार हो गयी, फिर इन्होंने शर्त बदल दी कि शिक्षा मंत्री को पहले इस्तीफा देना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार है। श्री रिजिजू ने कहा कि सरकार चर्चा कराने के लिए तैयार है लेकिन कांग्रेस का शर्त लगाना ठीक नहीं है।

लोकसभा में भी विपक्षी सदस्य शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़े हैं और उनका कहना है कि इसके अलावा सरकार के पास कोई विकल्प नहीं है।

श्री रिजिजू ने कहा कि सरकार विपक्षी सदस्यों से सदन चलने देने की निरंतर अपील कर रही है। कांग्रेस तथा विपक्ष के अन्य दलों के नेताओं से व्यक्तिगत स्तर पर बातें की गयी हैं । आपका जो सुझाव है उस पर लोकसभा अध्यक्ष के माध्यम से सरकार पेपर लीक पर विपक्ष के साथ चर्चा करना चाहती है लेकिन इसमें सहयोग करना होगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए पेपर लीक करने वालों और बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की पहले ही घोषणा कर दी है। उन्होंने विपक्ष के सदस्यों से आग्रह किया कि वे सदन में सहयोग करें और सदन चलने दें और जो उनके मुद्दे हैं उन पर सदन में चर्चा की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष हंगामा कर चर्चा से भागना चाहता है।

श्री रिजिजू ने विपक्षी दलों के नेताओं से पेपर लीक के मामले पर राजनीति नहीं करने का आग्रह करते हुए कहा कि संसद को मिलकर हम सबको इस समस्या के समाधान के लिए चर्चा करनी चाहिए।

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