पटना , सितंबर 18 -- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के राज्य सचिव रामनरेश पाण्डेय ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर राज्य सरकार की ओर से आयोजित 'दीया जलाओ' कार्यक्रमों में जनता की अपेक्षित भागीदारी नहीं रही।
श्री पाण्डेय ने कहा कि प्रधानमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर राज्य सरकार की ओर से सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च किए गए। सरकारी और निजी विद्यालयों में कार्यक्रम आयोजित करने संबंधी निर्देश भी जारी किए गए थे, लेकिन बाद में इसे वापस लेना पड़ा।
भाकपा के राज्य सचिव ने कहा कि बिहार में बड़ी संख्या में लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, जबकि कई इलाके सूखे की स्थिति का सामना कर रहे हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री बिहार के दौरे पर आए, लेकिन बाढ़ और सूखे को राष्ट्रीय आपदा घोषित किए बिना ही लौट गए।
श्री पांडेय ने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और निजीकरण जैसी समस्याओं से आम लोग प्रभावित हैं। खाद्य वस्तुओं की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है, जबकि लोगों की आय में उसी अनुपात में बढ़ोतरी नहीं हुई है। इसके बावजूद राज्य सरकार की ओर से प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर घर-घर और सरकारी कार्यालयों में 'आशीर्वाद का दीया' जलाने संबंधी निर्देश जारी किए गए थे।
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