नयी दिल्ली , अक्टूबर 12 -- केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को कहा कि कृषि के साथ जल शक्ति मंत्रालय से पानी का प्रबंध, खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय से उपज की प्रोसेसिंग व वैल्यू एडिशन, सहकारिता मंत्रालय व किसान उत्पादक संगठनों की ताकत, और पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन तथा एमएसएमई कौशल विकास को एक साथ जोड़कर किसानों की आय कई गुना बढ़ाई जा सकती है।
उन्होंने यह बात यहां पूसा परिसर में आयोजित 'प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना' के राष्ट्रीय सम्मेलन में लोगों को संबोधित करते हुए कही। देशभर से जुटे 50 से अधिक जिलों के जिलाधिकारियों, वैज्ञानिकों और नीति-निर्माताओं को संबोधित करते हुए करते हुए उन्होंने आह्वान किया कि प्रधानमंत्री के विकसित व समृद्ध भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए सभी अधिकारी अपनी संपूर्ण ऊर्जा झोंक दें। इस अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों को भी सम्मानित किया।
श्री चौहान ने अधिकारियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि धन-धान्य कृषि योजना का खाका दिल्ली के दफ्तरों में नहीं, बल्कि जिलों की वास्तविक परिस्थितियों को देखकर जिलाधिकारियों ने तैयार किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इसकी नियमित मासिक समीक्षा जरूरी है। वे अपनी टीम के साथ हर महीने जिले में कृषि कार्ययोजना की प्रगति की समीक्षा करें। जहां प्रगति धीमी है, वहां तालमेल से गति बढ़ाई जाए। अंतर-विभागीय समन्वय से वैज्ञानिकों के सीधे जुड़ाव पर जोर देते हुए केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्रों, 'आत्मा', कृषि विश्वविद्यालयों और आईसीएआर के लगभग 16,000 वैज्ञानिकों के शोध को सीधे किसानों के खेतों तक पहुंचाया जाए।
श्री चौहान ने कहा कि इस योजना में उन 100 जिलों को प्राथमिकता दी गई है जो उत्पादकता में पीछे थे, जहाँ फसल सघनता कम थी और जहाँ संस्थागत ऋण का अभाव था। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि राइस-फेलो और इंटर-क्रॉपिंग यानी धान की कटाई के बाद खाली रहने वाले खेतों में दलहन और तिलहन की खेती को मिशन मोड में बढ़ावा दिया जाए। साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड का विस्तार करते हुए पूर्वी भारत और पिछड़े जिलों में ऋण का प्रवाह तेजी से बढ़ाया जाए, क्योंकि जब किसान के हाथ में पूंजी होगी, तभी वह उन्नत तकनीक और बेहतर बीज-खाद का उपयोग कर पाएगा।
श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से तीसरे कार्यकाल में तीन गुना गति और ताकत से काम करने का संकल्प लिया है। इस संकल्प को पूरा करने के लिए कृषि और ग्रामीण विकास तंत्र अपनी पूरी क्षमता झोंक देगा। उन्होंने विश्वास जताया कि अगली समीक्षा बैठक में प्रतिस्पर्धा इतनी तीव्र होगी कि कई अन्य जिले भी इस उत्कृष्ट मंच पर सम्मान पाने के हकदार बनेंगे।
इस समारोह के दौरान सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जिलों को उनके अनुकरणीय कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। विभिन्न जिलों के जिलाधिकारियों ने मंच से अपनी सफलता की प्रेरक कहानियां भी साझा कीं।
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