पटना , फरवरी 25 -- बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने बुद्धवार को प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में अनियमितता और रिश्वत की बात सामने आने के बाद सदन को आश्वस्त किया कि मामले की जांच के बाद कार्रवाई होगी ।

बिहार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार जब रीगा के विधायक बैद्यनाथ प्रसाद प्रसाद के प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना से से सम्बंधित अल्पसूचित सवाल का जब जवाब दे रहे थे, उसी समय विधायक सुनील कुमार ने कहा कि आवास सहायक लाभुकों से आवंटित राशि का 25 प्रतिशत रिश्वत मांग रहे हैं। इस पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक मिथिलेश तिवारी ने कहा कि उनके पास बैकुंठपुर में कार्य कर रहे एक आवास सहायक का वीडियो है, जिसमें वह लाभुक से 30 हजार रुपये रिश्वत मांग रहा है। उन्होंने कहा की वीडियो और सूचना गोपालगंज के जिलाधिकारी और डीडीसी को भेजी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि इस योजना में कुव्यवस्था के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की बदनामी हो रही है। मोतिहारी के विधायक प्रमोद कुमार ने भी आवास योजना में अनियमितता की बात की। भाजपा विधायक नीतीश मिश्र ने भी सरकार का ध्यान अनियमितताओं की तरफ आकृष्ट किया।

इसके बाद मंत्री श्री कुमार ने कहा कि 15 मई 2025 तक किये गए सर्वेक्षण के अनुसार लाभुकों की सूची बनाई गई है। केंद्र सरकार से निर्धारित तिथि के अनुसार फिलहाल नये नाम जोड़ना संभव नही है, लेकिन विधायक अनियमितताओं की सूचना सरकार को उपलब्ध कराएं, सरकार इसकी जांच के बाद कार्रवाई करेगी। मंत्री के बयान के बाद अध्यक्ष ने भी सदन को आश्वस्त किया कि प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में अनियमितता और भ्रष्टाचार की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित