बैतूल , मई 05 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले की आमला तहसील अंतर्गत ग्राम हरन्या में 17 परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने और निजी मकानों को तोड़ने के नोटिस जारी होने से हड़कंप मच गया है। प्रभावित ग्रामीणों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर कार्रवाई पर रोक लगाने और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

ग्रामीणों के अनुसार आमला तहसीलदार द्वारा उनके मकानों को सरकारी भूमि पर निर्मित बताते हुए ध्वस्तीकरण के आदेश जारी किए गए हैं। जबकि उनका कहना है कि वे वर्षों से आबादी भूमि पर निवास कर रहे हैं और कई परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान स्वीकृत हुए हैं। कुछ मकान पूर्ण हो चुके हैं, जबकि कुछ निर्माणाधीन हैं, इसके बावजूद पिछले दो महीनों से लगातार नोटिस देकर मकान तोड़ने की तिथियां तय की जा रही हैं।

प्रभावित परिवारों में अधिकांश दिहाड़ी मजदूर और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग हैं, जिनमें विधवा महिलाएं भी शामिल हैं। कमला इवने नामक महिला ने बताया कि पति और बेटे की सड़क दुर्घटना में मृत्यु के बाद मिले मुआवजे और योजना की सहायता से उन्होंने मकान बनाया था, जिसे अब तोड़े जाने का नोटिस मिला है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जिस भूमि पर वे रह रहे हैं, वहां कुल 72 परिवार निवास करते हैं, लेकिन कार्रवाई केवल 17 परिवारों के खिलाफ की जा रही है। उन्होंने इसे भेदभावपूर्ण बताते हुए प्रभावशाली लोगों द्वारा शिकायत कराए जाने की आशंका जताई है।

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