भोपाल , फरवरी 5 -- मध्यप्रदेश सरकार में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में किए गए सतत प्रयासों से मध्यप्रदेश विद्युत के क्षेत्र में पूर्णतः आत्मनिर्भर हो गया है। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाए रखने के लिए विद्युत उपलब्ध क्षमता में 1806 मेगावाट की वृद्धि का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है, जिसमें से 851 मेगावाट की क्षमता वृद्धि अब तक हासिल की जा चुकी है।
प्रदेश में गैर-कृषि उपभोक्ताओं को लगभग 24 घंटे तथा कृषि उपभोक्ताओं को लगभग 10 घंटे प्रतिदिन विद्युत प्रदाय की जा रही है। रबी मौसम के दौरान मकर संक्रांति पर्व पर 19,895 मेगावाट की अधिकतम विद्युत मांग की सफलतापूर्वक पूर्ति की गई, जो प्रदेश के इतिहास में अब तक की सर्वाधिक मांग है। पारेषण हानियां घटकर मात्र 2.60 प्रतिशत रह गई हैं, जो देश में न्यूनतम हानियों में शामिल है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2029-30 की अवधि में प्रदेश की पारेषण प्रणाली के सुदृढ़ीकरण के लिए मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड द्वारा प्रस्तावित 5,163 करोड़ रुपये के पूंजीगत कार्यों को अनुमोदन प्रदान किया गया है। अटल गृह ज्योति योजना के अंतर्गत 150 यूनिट तक मासिक खपत वाले पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को प्रथम 100 यूनिट के लिए अधिकतम 100 रुपये का बिल दिया जा रहा है, शेष राशि राज्य शासन द्वारा सब्सिडी के रूप में वहन की जा रही है। वर्ष 2024-25 में इस योजना के अंतर्गत 6,495.27 करोड़ रुपये की सब्सिडी जारी की गई।
अटल कृषि ज्योति योजना के तहत 10 हॉर्सपावर तक के अनमीटर्ड स्थायी कृषि पंप कनेक्शनों को 750 रुपये प्रति हॉर्सपावर प्रतिवर्ष तथा 10 हॉर्सपावर से अधिक के कनेक्शनों को 1,500 रुपये प्रति हॉर्सपावर प्रतिवर्ष की फ्लैट दर पर विद्युत प्रदाय की जा रही है। एक हेक्टेयर तक भूमि और 5 हॉर्सपावर तक के कृषि पंप वाले अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के कृषकों को निःशुल्क विद्युत दी जा रही है, जिससे लगभग 9.3 लाख कृषि उपभोक्ता लाभान्वित हो रहे हैं।
समाधान योजना 2025-26 के अंतर्गत लगभग 17 लाख 15 हजार उपभोक्ताओं का 350 करोड़ 67 लाख रुपये का सरचार्ज माफ किया गया है तथा 852 करोड़ 76 लाख रुपये के बकाया बिल जमा कराए गए हैं। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) के तहत प्रदेश में लगभग 28 हजार घरों के विद्युतीकरण की कार्य योजना को स्वीकृति दी गई है, जिनमें से नवंबर 2025 तक लगभग 26 हजार घरों को विद्युत कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं।
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि अति उच्चदाब ट्रांसमिशन लाइनों के निर्माण से प्रभावित किसानों को टॉवर स्थापना एवं लाइन से प्रभावित भूमि के लिए पहले की कलेक्टर गाइडलाइन से दोगुना मुआवजा एकमुश्त एवं डिजिटल माध्यम से प्रदान किया जाएगा।
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