भोपाल , जुलाई 07 -- मध्यप्रदेश शासन ने पदोन्नति प्रक्रिया के तहत 190 तहसीलदार, अधीक्षक भू-अभिलेख (एसएलआर) तथा प्रभारी डिप्टी कलेक्टरों को राज्य प्रशासनिक सेवा में डिप्टी कलेक्टर पद पर पदोन्नत कर दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार पदोन्नति कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होगी।

आदेश के अनुसार पदोन्नत अधिकारियों को राज्य प्रशासनिक सेवा के कनिष्ठ श्रेणी वेतनमान में पदोन्नति प्रदान की गई है। उनकी पदस्थापना फिलहाल उसी जिले में रहेगी, जहां वे वर्तमान में कार्यरत हैं। आदेश में ऐसे अधिकारियों को भी पदोन्नति का लाभ दिया गया है, जिन्होंने पूर्व में प्रभारी डिप्टी कलेक्टर अथवा अधीक्षक भू-अभिलेख के रूप में कार्य करने की स्वीकृति दी थी, लेकिन कार्यवाहक उच्च पद का प्रभार ग्रहण नहीं किया था। सामान्य प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी पदोन्नतियां पदोन्नति में आरक्षण से संबंधित प्रकरण में उच्चतम न्यायालय के अंतिम निर्णय के अधीन रहेंगी।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार सामान्य प्रशासन विभाग और राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने सोमवार को इंदौर स्थित लोक सेवा आयोग कार्यालय में विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक में भाग लिया था। बैठक में प्रस्तावित अधिकारियों के नामों पर विचार के बाद मंगलवार को पदोन्नति आदेश जारी किए गए।

सूत्रों के अनुसार विभागीय पदोन्नति समिति ने लगभग 250 प्रभारी तहसीलदार, तहसीलदार और अधीक्षक भू-अभिलेख के नामों पर विचार किया था, जिनमें से पहले चरण में 190 अधिकारियों को डिप्टी कलेक्टर पद पर पदोन्नत किया गया है। राजस्व विभाग अब नायब तहसीलदारों की पदोन्नति प्रक्रिया भी पूरी करने की तैयारी में है। विभागीय सूत्रों के अनुसार करीब 200 प्रभारी तहसीलदारों को नियमित तहसीलदार पद पर पदोन्नत किए जाने संबंधी आदेश भी शीघ्र जारी किए जा सकते हैं।

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