सहारनपुर , जून 21 -- शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सहारनपुर में कहा कि गोरक्षा के नाम पर दावे बहुत हुए, लेकिन धरातल पर हालात बदतर हैं।
उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ स्वयं गोरखनाथ मठ के महंत हैं, इसलिए गोमाता की रक्षा को लेकर उनसे देश में सबसे अधिक अपेक्षाएं थीं, लेकिन वह इस कसौटी पर खरे नहीं उतर पाए और आरोप लगाया कि प्रदेश में गोवंश की दुर्दशा, गो तस्करी और गोहत्या की घटनाएं चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि जनता स्वयं छुरी नहीं चलाती, बल्कि अपने वोट के रूप में सत्ता को अधिकार देती है और यदि गोरक्षा नहीं हो पा रही है तो उसकी जवाबदेही सरकार पर ही बनती है। शंकराचार्य ने कहा कि सत्ता में बैठे लोगों से प्रश्न पूछना और उन्हें सही दिशा दिखाना संत समाज का दायित्व है।
गोरक्षा का संदेश लेकर निकाली जा रही गविष्टि यात्रा आज सहारनपुर जिले में रही। नानौता, गंगोह, अंबेहटा, बेहट और पुंवारका में यात्रा का स्वागत किया गया। गंगोह में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा के साथ शंकराचार्य का स्वागत किया। शंकराचार्य ने राजू पंडित सांगाठेड़ा को गंगोह विधानसभा क्षेत्र का गोरक्षा प्रभारी नियुक्त किया। जनपद सहारनपुर के कस्बा नानौता में गंगोह रोड स्थित श्रीराधा कृष्ण चाननदास पंजाबी धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रम में शंकराचार्य ने कहा कि गोसेवा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति दायित्व भी है। उन्होंने उपस्थित लोगों को हाथ उठवाकर गो संरक्षण, गो संवर्धन और सनातन संस्कृति की रक्षा की शपथ दिलाई। इस दौरान नरेंद्र शर्मा, प्रेमपाल शर्मा, नीरज शर्मा, कैलाश नामदेव, डॉ. एनसी शर्मा, रामकिशन सैनी, लाल सिंह, अंकुर जैन, दर्शन लाल आदि मौजूद रहे।
पुंवारका में जनता रोड पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष संदीप राणा ने पत्नी रेखा राणा के साथ शंकराचार्य की चरण वंदना की। यहां आत्मानुभवी महाराज, दीपक अग्निहोत्री, उपाध्यक्ष संगठन प्रभारी नितिन शर्मा, जिला प्रवक्ता गणेश दत्त शर्मा, सुरेश पुंडीर, रजनीश प्रधान, जिला सचिव कुणाल शांडिल्य, कार्तिकेय राणा, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सचिव प्रवीण चौधरी, पूर्व महानगर अध्यक्ष वरुण शर्मा मौजूद रहे।
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