बेगूसराय, जुलाई 19 -- बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शनिवार को कहा कि प्रदेश में शिक्षा कि मजबूत नींव रखने के क्रम में एक ही दिन में 551 सरस्वती विद्या निकेतन के नाम से मॉडल स्कूलों का लोकार्पण बिहार के शिक्षा जगत के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

श्री तिवारी ने कहा कि समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति यानी अंत्योदय तक गुणवत्तापूर्ण और उन्नत शिक्षा पहुंचाना राज्य सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि शिक्षा की आधारभूत संरचना के मामले में बिहार अभी कई राज्यों से पीछे है, लेकिन सीखने के परिणाम (लर्निंग आउटकम) के मामले में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है।

शिक्षा मंत्री ने रविवार को शिक्षा विभाग की देखरेख में बेगूसराय जिले के बरौनी स्थित आईओसीएल स्टेडियम में आयोजित 551 सरस्वती विद्या निकेतन विद्यालयों के लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में शैक्षणिक सुधारों, शिक्षकों के प्रशिक्षण, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और मिशन आधारित कार्यक्रमों के कारण बच्चों की पढ़ने, लिखने और गणितीय समझ में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है।

श्री तिवारी ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का प्रधानमंत्री का सपना साकार होगा और उसकी रुपरेखा शिक्षा की मजबूत नीव डाल कर ही तैयार की जा सकती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की दूरदर्शी सोच और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है कि आज राज्य के प्रत्येक प्रखंड में आधुनिक सुविधाओं से युक्त मॉडल स्कूल विकसित किए गए हैं। लगभग 990 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इन विद्यालयों के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा और आने वाले समय में अन्य सरकारी विद्यालयों को भी मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा।

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