भोपाल , मई 20 -- मध्यप्रदेश मंत्रि-परिषद ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रदेश के विकास एवं जन-कल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के लिए कुल 30 हजार 55 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृतियां प्रदान कीं। बैठक में स्थानांतरण नीति वर्ष-2026 को मंजूरी देने के साथ किसानों, वृद्धजनों, महिलाओं, दिव्यांगजनों, श्रमिकों और जल प्रदाय योजनाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

मंत्रि-परिषद ने राज्य एवं जिला स्तर पर अधिकारियों-कर्मचारियों की स्थानांतरण नीति वर्ष-2026 का अनुमोदन करते हुए 01 जून से 15 जून 2026 तक स्थानांतरण पर लगी रोक में शिथिलता देने का निर्णय लिया। नीति के अनुसार पति-पत्नी को एक स्थान पर पदस्थ करने और गंभीर बीमारी के मामलों को निर्धारित सीमा से अलग रखा गया है। तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के जिले के भीतर तबादले प्रभारी मंत्री की स्वीकृति से किए जाएंगे।

किसानों के हित में मंत्रि-परिषद ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के आगामी पांच वर्षों तक संचालन के लिए 11 हजार 608 करोड़ 47 लाख रुपये की स्वीकृति दी। योजना के तहत पात्र किसानों को प्रति मौसम न्यूनतम एक हजार रुपये की दावा राशि सुनिश्चित की जाएगी तथा अंतर की राशि राज्य सरकार वहन करेगी।

सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की पेंशन योजनाओं के लिए 15 हजार 184 करोड़ 42 लाख रुपये मंजूर किए गए। इसमें इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना तथा समग्र सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना शामिल हैं। पात्र वृद्धजनों, विधवा महिलाओं, दिव्यांगजनों और अविवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 600 रुपये पेंशन दी जाएगी।

मंत्रि-परिषद ने सिवनी जिले की बंडोल तथा देवास जिले की नेमावर समूह जल प्रदाय योजनाओं के लिए कुल 593 करोड़ 24 लाख रुपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी। अतिरिक्त ग्रामों और बसाहटों को योजना में शामिल किए जाने तथा जल जीवन मिशन के तहत घरेलू नल कनेक्शन विस्तार के कारण लागत में वृद्धि हुई है।

महिला एवं बाल सुरक्षा से संबंधित योजनाओं के लिए 156 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसमें चाइल्ड हेल्पलाइन, पॉक्सो पीड़ित सहायता योजना तथा शौर्य दल योजना शामिल हैं। नवगठित जिलों और रेलवे स्टेशनों एवं बस स्टैंडों पर नई हेल्प डेस्क स्थापित की जाएंगी।

लोक सेवा गारंटी अधिनियम के क्रियान्वयन के लिए 360 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। राशि का उपयोग लोक सेवा केंद्रों, सीएम हेल्पलाइन तथा सीएम डैशबोर्ड के संचालन में किया जाएगा। प्रदेश में वर्तमान में 444 लोक सेवा केंद्र संचालित हैं और 733 सेवाएं अधिसूचित की जा चुकी हैं।

श्रमिक कल्याण की विभिन्न योजनाओं के लिए एक हजार 779 करोड़ सात लाख रुपये की स्वीकृति दी गई। इसमें कर्मचारी राज्य बीमा योजना, औद्योगिक न्यायालय, श्रम न्यायालय तथा परिसंपत्तियों के संधारण से संबंधित योजनाएं शामिल हैं।

मंत्रि-परिषद ने अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के संचालन के लिए 373 करोड़ 38 लाख रुपये मंजूर किए। संस्थान शासन को नीति विश्लेषण, शोध, प्रभाव मूल्यांकन और सुशासन से जुड़े विषयों पर परामर्श उपलब्ध कराता है।

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