बैतूल , जुलाई 27 -- मध्यप्रदेश बस ओनर्स एसोसिएशन ने सरकार को 7 अगस्त तक लंबित मांगों पर निर्णय लेने का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर 8 अगस्त की रात 12 बजे से प्रदेशभर में निजी बसों का संचालन बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। इससे बैतूल सहित प्रदेश के सभी जिलों में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।

एसोसिएशन के अनुसार यह निर्णय रविवार को सागर में आयोजित प्रदेश स्तरीय बैठक में लिया गया, जिसमें प्रदेश के सभी 55 जिलों के बस संचालकों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में सर्वसम्मति से सरकार को अंतिम चेतावनी देने का निर्णय लिया गया। एसोसिएशन का कहना है कि लंबे समय से लंबित मांगों पर सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे बस व्यवसाय आर्थिक संकट से गुजर रहा है।

एसोसिएशन के महामंत्री जय कुमार जैन ने बताया कि बैठक में सात सूत्रीय एजेंडे पर चर्चा की गई। इसमें बस किराए में वृद्धि का मुद्दा प्रमुख रहा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बस किराए में अंतिम संशोधन वर्ष 2021 में हुआ था। उस समय बस संचालकों ने 65 प्रतिशत किराया वृद्धि की मांग की थी, लेकिन सरकार ने केवल 25 प्रतिशत वृद्धि को मंजूरी दी थी।

बस संचालकों का कहना है कि वर्ष 2021 के बाद डीजल, स्पेयर पार्ट्स, बीमा, कर तथा कर्मचारियों के वेतन सहित संचालन लागत में लगातार वृद्धि हुई है, जबकि किराए में संशोधन नहीं होने से बसों का संचालन घाटे का सौदा बन गया है। उनका यह भी कहना है कि पड़ोसी राज्यों में समय-समय पर किराए में संशोधन किया गया है, जबकि मध्यप्रदेश में वर्तमान किराया व्यावहारिक नहीं रह गया है।

बैठक में किराया वृद्धि के अलावा टेंडर के माध्यम से रॉयल्टी वसूली की व्यवस्था समाप्त करने, पहले से पंजीकृत वाहनों को वैध मान्यता देने, परिवहन कार्यालयों में लंबित प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण तथा 15 वर्ष पुराने स्टेज कैरिज वाहनों को फिटनेस प्रमाणपत्र की अवधि तक परमिट जारी रखने सहित अन्य मांगों पर भी चर्चा की गई। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि यदि 7 अगस्त तक सरकार की ओर से सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 8 अगस्त की रात 12 बजे से प्रदेशभर में निजी बसों का संचालन बंद कर दिया जाएगा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित