श्रीगंगानगर , अक्टूबर 27 -- राजस्थान में श्रीगंगानगर में रबी सीजन में गेहूं की बिजाई का समय नजदीक आते ही डीएपी खाद की मांग बढ़ी है, लेकिन श्रीगंगानगर जिले के अनूपगढ़ में कृषि विभाग की ओर से प्रति किसान सिर्फ दो बैग के कूपन जारी किए जा रहे हैं।

व्यापार मंडल में कूपन मिलने की सूचना पर पहुंचे किसानों को दो बैग की सीमा का सामना करना पड़ रहा है। विभाग इसे छोटे किसानों के हित में बताया जा रहा है, लेकिन बड़े काश्तकारों के लिए यह व्यवस्था परेशानी का सबब बनती जा रही है। कृषि अधिकारी गौरीशंकर मांझू ने मंगलवार को बताया कि सहायक निदेशक (कृषि विस्तार) द्वारकाप्रसाद के निर्देश पर कूपन वितरित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि दो बैग डीएपी से करीब चार बीघा क्षेत्र में बिजाई हो सकती है। विभाग का तर्क है कि वितरण नियमों के मुताबिक हो रहा है और आगे मांग और बढ़ेगी,लेकिन खेत का आकार बड़ा होने पर यह सीमा पर्याप्त नहीं है।

भारतीय किसान संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष जसवंतसिंह चंदी ने इस सीमा पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि 25 बीघा जमीन में गेहूं की बिजाई के लिए करीब 13 बैग डीएपी की जरूरत होती है। सिर्फ दो बैग मिलने से बड़े किसानों को बार-बार कूपन और खाद के लिए प्रयास करने पड़ रहे हैं। इससे उनका समय और खर्च दोनों बढ़ रहे हैं। बिजाई का मौसम सीमित होता है, ऐसे में बार-बार चक्कर काटने से काम में देरी होने की आशंका रहती है।

किसान संघ ने मांग की है कि वितरण व्यवस्था को और सुविधाजनक बनाया जाए, ताकि किसानों को बिजाई के समय अपनी जरूरत के मुताबिक उर्वरक मिल सके। छोटे किसानों को प्राथमिकता देने की व्यवस्था समझ में आती है, लेकिन बड़े काश्तकारों को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

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