प्रयागराज , मई 04 -- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों का गुस्सा एक बार फिर सामने आया है। अपनी कई मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे अभ्यर्थियों ने सोमवार को लोक सेवा आयोग के गेट पर धरना शुरू कर दिया। छात्रों का आरोप है कि उन्होंने कई बार अपनी समस्याओं को लेकर आयोग को ज्ञापन सौंपा, लेकिन अब तक उनकी सुनवाई नहीं हुई। आज कुछ प्रतियोगी छात्र आयोग कार्यालय पहुंचे थे, जहां वे अधिकारियों से सीधे बातचीत करना चाहते थे। छात्रों का कहना है कि उनकी मुख्य मांगों में एई,एपीएस और एग्रीकल्चर से जुड़े मामले शामिल हैं, जो वर्तमान में न्यायालय में लंबित हैं। इसके अलावा एपीएस 2023 परीक्षा का परिणाम अब तक घोषित न किए जाने को लेकर भी अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी है।

छात्रों के अनुसार, जब वे अपनी समस्याओं को लेकर आयोग पहुंचे तो उनसे बातचीत के लिए किसी वरिष्ठ अधिकारी के बजाय एक दरोगा को भेजा गया। इस पर छात्रों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि "हम दरोगा से बात नहीं करेंगे, क्योंकि हमारी समस्याओं का समाधान उनके पास नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक आयोग के जिम्मेदार अधिकारी बाहर आकर उनसे बात नहीं करेंगे, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।

उप्र लोक सेवा आयोग के गेट पर धरने पर बैठे छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी बात नहीं सुनी गई तो वे देर शाम तक वहीं डटे रहेंगे। उनका कहना है कि यह केवल उनकी व्यक्तिगत समस्या नहीं,बल्कि हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। कई छात्रों ने आरोप लगाया कि आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता की कमी है और परिणामों में देरी के कारण उनके करियर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।धरना स्थल पर मौजूद छात्रों ने यह भी कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना चाहते हैं, लेकिन लगातार अनदेखी के कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ा है। अब देखना यह होगा कि आयोग इस विरोध पर क्या रुख अपनाता है।

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