पटना , सितंबर 15 -- बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के प्रतिनिधिमंडल ने नीतीश कुमार के 7, सर्कुलर रोड आवास पर उनसे मुलाकात की और विश्वविद्यालय से संबंधित अपनी आठ मुख्य मांगों का मांग पत्र सौंपा। नीतीश कुमार से मुलाकात के दौरान छात्र-छात्राओं के प्रतिनिधिमंडल ने जानकारी दी कि वो लोग पिछले 8 दिनों, सात सितंबर, 2026 से ही अपनी मांगों के समर्थन में धरने पर बैठे हैं। प्रतिनिधिमंडल ने नीतीश कुमार से आग्रह किया कि हजारों छात्र-छात्राओं के भविष्य को देखते हुए उनकी मांगों पर तुरंत ध्यान दिया जाए और अधिकारियों को निर्देशित करने की कृपा की जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि छात्र-छात्राएं परीक्षा के नतीजों में गड़बड़ी और उन लोगों के खिलाफ नीतियों से परेशान हैं और यूनिवर्सिटी प्रशासन की लापरवाही की वजह से उन सबों का भविष्य खतरे में है।
प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन के माध्यम से नीतीश कुमार के समक्ष अपनी आठ सुत्री मांगें रखी जिनमें पढ़ाई सत्र का नियमितीकरण, टाइम टेबल को सुचारू करना और फीस माफी, स्थायी कुलपति की नियुक्ति और पर्याप्त प्रशासनिक कर्मचारियों की पदस्थापना, बैकलाॅग और सप्लीमेंट्री परीक्षा की भारी फीस पर रोक, सिलेबस की स्पष्टता और पास होने के बराबर वस्तुनिष्ठ सवाल, काॅपी जांच में री-चेकिंग की सुविधा, मदद के लिए हेल्प डेस्क की स्थापना और ससमय मार्कशीट की उपलब्धता, यूनिवर्सिटी में गड़बड़ी की जांच और बिहार मेडिकल और नर्सिंग रजिस्ट्रेशन कानून 2026 पर दोबारा विचार शामिल है।
प्रतिनिधिमंडल ने नीतीश कुमार से उनकी मांगों को लेकर आवश्यक पहल करने का आग्रह किया। वहीं नीतीश कुमार जी ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरतापूर्वक सुना एवं उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आग्रह की बात कही।
इस अवसर पर जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा, मंत्री श्रवण कुमार, अशोक चैधरी, बिहार विधान परिषद में सत्तारूढ़ दल के उप-नेता ललन कुमार सर्राफ एवं मुख्य सचेतक संजय गांधीजी, पार्टी नेता लोकप्रकाश सिंह उपस्थित थे।
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