टिहरी, अप्रैल, 29 -- उत्तराखंड के टिहरी जिले के प्रतापनगर क्षेत्र में बुधवार को क्षेत्र पंचायत प्रमुख मनीषा पंवार की अध्यक्षता में आयोजित क्षेत्र पंचायत (बीडीसी) बैठक में विकास कार्यों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई।

बैठक में जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की और समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि बीडीसी एक महत्वपूर्ण संवैधानिक मंच है, जहां स्थानीय स्तर की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ उठाया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों का निस्तारण समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में शिक्षा विभाग से संबंधित मुद्दों पर विशेष चर्चा हुई। खंड शिक्षा अधिकारी पूनम ने बताया कि प्राथमिक स्तर पर शिक्षकों की तैनाती कर दी गई है, जबकि विद्यालय भवन मरम्मत, रसोई निर्माण और अन्य कार्य जिला योजना व खनिज न्यास के अंतर्गत प्रस्तावित हैं। कस्तूरबा गांधी विद्यालय में छात्र संख्या बढ़ाने के प्रस्ताव पर जिलाधिकारी ने एसडीएम को भूमि का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।

जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र की सड़कों की खराब स्थिति, पेयजल संकट और ठेकेदारों द्वारा भुगतान न किए जाने जैसी समस्याएं उठाईं। मुखेम-धंगड़ मार्ग की जर्जर स्थिति, सौरखाल-कूड़ी मार्ग के अधूरे कार्य और अन्य सड़क संबंधी मुद्दों पर जिलाधिकारी ने जांच कर शीघ्र समाधान के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान धर्मांतरण से संबंधित एक शिकायत भी सामने आई, जिस पर जांच कर कार्रवाई की मांग की गई। इस प्रस्ताव को सदन ने सर्वसम्मति से पारित किया।

महिला सदस्यों ने पेयजल की समस्या, टूटी पाइपलाइन और जलापूर्ति बाधित होने के मुद्दे उठाए। जल संस्थान विभाग ने बजट की कमी का हवाला दिया, जिस पर जिलाधिकारी ने प्रस्ताव तैयार कर उच्च स्तर पर भेजने के निर्देश दिए।

समाज कल्याण विभाग से संबंधित पेंशन न मिलने की शिकायतों पर जिलाधिकारी ने अगले सप्ताह विशेष शिविर आयोजित कर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।

बैठक में ज्येष्ठ प्रमुख प्रकाश रमोला ने नाली निर्माण, सड़क सुधार, मुआवजा वितरण और प्रमाण पत्रों की सुविधा को लेकर सुझाव दिए। जिलाधिकारी ने प्रमाण पत्रों के लिए डिजिटल आवेदन प्रक्रिया अपनाने और अधिकारियों को समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्थानीय उत्पादों के स्टॉल का निरीक्षण किया और स्थानीय उत्पाद खरीदकर महिलाओं को प्रोत्साहित किया। उन्होंने सभी से स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का आह्वान किया।

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