प्रतापगढ़ , सितंबर 22 -- उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में पट्टी कोतवाली में दलित युवक अर्जुन (21) की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद मंगलवार को उसके परिजनों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त करने जा रहे समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं को पुलिस ने रोक दिया।

पट्टी विधायक राम सिंह पटेल, सपा के जिला महासचिव अब्दुल कादिर जिलानी और सांसद प्रतिनिधि बीएल वर्मा समेत अन्य नेता मोलनापुर ग्रामसभा निवासी अर्जुन के घर जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें मृतक के परिजनों से मिलने जाने से रोक दिया।

इस पर विधायक राम सिंह पटेल ने कहा कि पुलिस हिरासत में हुई युवक की मौत की निष्पक्ष, पारदर्शी और उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए, जिससे घटना की वास्तविक सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने कहा कि परिजनों ने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस की ओर से युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने की बात कही गई है। ऐसे में सभी तथ्यों और परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

उन्होंने मांग की कि जांच में किसी पुलिसकर्मी की लापरवाही अथवा संलिप्तता सामने आने पर उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाए। सपा नेताओं ने कहा कि मृतक के परिवार की पीड़ा को देखते हुए प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ पूरे मामले की जांच कर सच्चाई सामने लानी चाहिए।

इस दौरान सांसद के निजी सचिव जितेंद्र सिंह, प्रमोद पटेल, ललित यादव, राजेश गौड़ और मानवेंद्र पटेल समेत अन्य नेता मौजूद रहे।

गौरतलब है कि सोमवार सुबह पट्टी कोतवाली परिसर के बाथरूम में अर्जुन का शव फंदे से लटका मिला था। घटना के बाद कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरतने के आरोप में पट्टी कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक आनंद पाल सिंह और उपनिरीक्षक ओंकार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था। दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जा रही है।

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